कासगंज। जिले के चार निकायों में गीले कूड़े के निस्तारण की समस्या से निजात दिलाने के लिए कंपोस्ट पिट बनाने की तैयारी की जा रही है। गंजडुंडवारा और सोरोंजी में पांच टन प्रतिदिन क्षमता के कंपोस्ट पिट का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं, अमांपुर और बिलराम में भी इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन इकाइयों के तैयार होने के बाद गीले कूड़े का निस्तारण करने के साथ उससे जैविक खाद तैयार की जा सकेगी।शहरी क्षेत्रों में घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले गीले कूड़े के निस्तारण की समस्या बनी रहती है। इसके उचित प्रबंधन के अभाव में कूड़े के ढेर लगने और गंदगी फैलने की आशंका रहती है। कंपोस्ट पिट बनने से गीले कूड़े को उपयोगी खाद में बदलने में मदद मिलेगी। इससे कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सकेगा और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में भी सहायता मिलेगी। गंजडुंडवारा और सोरोंजी में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इन इकाइयों की मदद से प्रतिदिन पांच-पांच टन गीले कूड़े के निस्तारण की क्षमता विकसित होगी। सोरोंजी में कंपोस्ट पिट का 90 प्रतिशत और गंजडुंडवारा में 35 प्रतिशत कार्य पूरा हो पाया है। अमांपुर और बिलराम नगर पंचायत में भी इसी तरह की व्यवस्था विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन निकायों में तीन-तीन टन गीला कूड़े का निस्तारण किया जाएगा। इससे चारों निकायों में गीले कूड़े के प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। -राजदीप, डीपीएम,स्वच्छ भारत मिशन शहरी का कहना है कि -शहरी निकायों में गीले कूड़े के निस्तारण और उससे जैविक खाद तैयार करने के उद्देश्य से कंपोस्ट पिट का निर्माण कराया जा रहा है। गंजडुंडवारा और सोरोंजी में निर्माण कार्य जारी है। अमांपुर और बिलराम में भी इस व्यवस्था को विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इससे गीले कूड़े का स्थानीय स्तर पर निस्तारण हो सकेगा और तैयार खाद का उपयोग पौधों व हरियाली को बढ़ावा देने में किया जा सकेगा।