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Kasganj News: पितृ पक्ष के दसवें दिन गंगा के घाटों पर गूंजे मंत्रोच्चार

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फोटो35सोरोंजी में पितरों का तपर्ण करते लोग। संवाद
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सोरोंजी। पितृ पक्ष में अपने पितरों की मोक्ष की कामना लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु तीर्थनगरी सोरोंजी पहुंच रहे हैं। मान्यता के अनुसार तीर्थनगरी में संतान द्वारा जल तर्पण और विधि-विधान से श्राद्ध पूजा करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु प्रतिदिन यहां पहुंचकर अपने तीर्थपुरोहितों से संपर्क कर श्राद्ध कर्म करा रहे हैं।
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तीर्थपुरोहित श्रद्धालुओं का विवरण अपनी पोथियों में दर्ज करने के साथ श्राद्ध पूजा की सामग्री जुटाते हैं। इसके बाद हरिपदी गंगा के घाटों पर श्रद्धालुओं से जल तर्पण कराया जाता है और विधि-विधान से श्राद्ध पूजा संपन्न कराई जाती है। श्रद्धालु ब्राह्मणों को सामूहिक भोज कराने के साथ अन्न, वस्त्र और अन्य सामग्री दान कर दक्षिणा भी दे रहे हैं। पितृ पक्ष के दसवें दिन भी हरिपदी गंगा के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। घाटों पर मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण भक्तिमय नजर आया। विद्वान आचार्य धर्मधर द्विवेदी, प्रद्युम्न निर्भय, शशिधर द्विवेदी, नरेश बरवारिया, हेमंत त्रिगुणायत, राहुल वशिष्ठ और दिलीप शास्त्री सहित अन्य आचार्य विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं को विधि-विधान से श्राद्ध पूजा कराते दिखाई दिए।



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पितृ पूजन करने कर्नाटक-आंध्र प्रदेश के श्रद्धालु आए

सोरोंजी। तीर्थनगरी सोरों में कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से 108 श्रद्धालुओं का दल पितृ पूजन के लिए पहुंचा। आचार्य दिलीप शास्त्री और नरेश बरबारिया ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हरि की पौड़ी किनारे स्थित यज्ञशाला में विधि-विधान से पितृ पूजा संपन्न कराई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी के पवित्र जल में स्नान कर गंगा मैया की पूजा-अर्चना की।
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पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी की परिक्रमा की और विभिन्न मंदिरों में देव दर्शन किए। हैदराबाद से आए पंडित वेंकटेश्वर अय्यर और श्रीधर गुप्ता ने बताया कि पितृ पक्ष में श्राद्ध पूजा के लिए पूरे भारतवर्ष में शूकर क्षेत्र से श्रेष्ठ कोई दूसरा स्थान नहीं है। मौके पर वराह मंदिर के सेवायत नरेश त्रिगुणायत ने हैदराबाद से आए पंडित वेंकटेश्वर अय्यर को भगवान वराह का चित्र भेंट कर सम्मानित किया। संवाद
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