कासगंज में सराफा कारोबारी से तीन लाख रुपये की अवैध वसूली के मामले में मंगलवार को दो सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। एक सिपाही एसओजी की टीम में तैनात था तो दूसरा पटियाली कोतवाली में। कारोबारी ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, डीजीपी और एसपी समेत अन्य उच्चाधिकारियों से की थी। मामले में एसपी ने गोपनीय जांच कराई तो अवैध वसूली के आरोप सही पाए गए। मामले में एसपी ने सख्त कार्रवाई करते हुए एसओजी प्रभारी, पटियाली इंस्पेक्टर समेत दोनों नामजद सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एसओजी और पटियाली पुलिस ने बीती 21 जुलाई को 25 हजार के इनामी शातिर चोर जयप्रकाश उर्फ जेपी को गिरफ्तार किया था। चोर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पूछताछ की तो उसने चोरी का माल पटियाली के सराफा कारोबारी अजय वर्मा की दुकान पर बेचने की बात कही। इसके बाद एसओजी टीम में शामिल सिपाही पवन और पटियाली कोतवाली में तैनात सिपाही सोबरन चोर जेपी को लेकर सराफा कारोबारी की दुकान पर पहुंचे।
पुलिस ने माल बरामद करने के साथ ही सराफा कारोबारी को हिरासत में ले लिया। बाद में तीन लाख रुपये की अवैध वसूली करने के बाद सराफा कारोबारी को छोड़ दिया। मामले में कारोबारी का कहना है कि उसे निर्दाष होते हुए भी पुलिस ने झूठे मुकदमे में फंसाने का डर दिखाते हुए तीन लाख रुपये की अवैध वसूली की। सराफा कारोबारी ने अवैध वसूली की शिकायत मुख्यमंत्री, डीजीपी और एसपी समेत अन्य उच्चाधिकारियों से की।
एसपी ने मामले की गोपनीय तरीके से जांच कराई तो अवैध वसूली के आरोप सही पाए गए। कारोबारी की तहरीर पर मंगलवार को देर शाम पटियाली कोतवाली में सिपाही पवन और सोबरन पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस महकमे में अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने एसओजी प्रभारी विनय शर्मा, पटियाली थाना प्रभारी रामवकील सिंह समेत दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है। इससे पुलिस विभाग में खलबली मच गई।
एएसपी करेंगे मामले की जांच
एसपी अंकिता शर्मा ने अवैध वसूली मामले की प्रारंभिक जांच अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती को सौंप दी है। मामले की विभागीय जांच में सराफा कारोबारी से अवैध वसूली में अन्य पुलिसकर्मियों के नामों का भी खुलासा हो सकता है। उन पर भी आगे कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती ने बताया कि सराफा कारोबारी ने एसपी से अवैध वसूली की शिकायत की थी। एसपी की गोपनीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर दो सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा एसओजी प्रभारी, पटियाली कोतवाली प्रभारी सहित दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
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