सोरोंजी। महाशिवरात्रि पर्व पर तीर्थ नगरी में भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। आस्था की कांवड़ में श्रद्धा का गंगाजल लिए श्रद्धालु बम-बम भोले की घोष और पूरे जोश के साथ यात्रा कर रहे हैं।
तीर्थ नगरी इन दिनों शिवभक्ति की पवित्र लहर में सराबोर है। श्रद्धालु गंगाजल लेकर भोलेनाथ के अभिषेक के लिए उमंग और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मार्गों पर केसरिया वस्त्रधारी कांवड़ियों की लंबी कतारें आस्था की अविरल धारा का आभास करा रही हैं। हर चेहरे पर उत्साह, हृदय में शिव के प्रति अटूट समर्पण और हर कदम में भक्ति का संकल्प दिखाई दे रहा है।
बुधवार की रात से कांवड़ियों की भीड़ से कई दिन से सुस्त पड़े कांवड़ बाजार में चमक आ गई। होडलपुर में पॉलिटेक्निक कॉलेज से लेकर, कासगंज गेट, चंदन चौक, हरि की पौड़ी, लहरा घाट तक सजी 1000 से अधिक दुकानों व फड़ों पर कांवड़िये खरीददारी करते नजर आ रहे हैं जिससे दुकानदारों के चेहरों पर खुशी झलक रही है।
इधर धूप खिलने और ठंडी हवा ने ने मौसम को खुशगवार कर दिया, जिससे कांवड़ियों का उत्साह और बढ़ गया। श्रद्धालु लोक और भक्ति गीत गाते हुए पूजा अर्चना कर कांवड़ यात्रा का आगाज कर रहे हैं। लहरा घाट से कांवड़ियों की टोलियां लहरेश्वर, वराह मंदिर, सोमेश्वर मंदिर में दर्शन व हरि की पौड़ी परिक्रमा करते हुए भोला तेरी बम के जयकारे लगाते हुए अपनी आस्था के पथ पर आगे बढ़ रही थी।
कांवड़ियों की बात
भोले बाबा के प्रति अपार आस्था यहां खींच के ले आई। सोमवार की सुबह कांवड़ में जल भरकर यात्रा प्रारंभ करेंगे, भिंड के बोरेश्वर महादेव मंदिर में बाबा पर जल चढ़ाएंगे
- श्रीकृष्ण, नेपा, एमपी
हर साल गांव में शिवालय में महाशिवरात्रि पर जल चढ़ाते हैं। रात दिन पैदल चलकर 320 किमी की दूरी को पूरा करेंगे। भोले बाबा की कृपा से हर साल यात्रा बिना विघ्न बाधा के पूर्ण होती है
-लवकुश, मुरैना , एमपी
हर साल फाल्गुन में तीर्थनगरी आते हैं। भगवान वराह के दर्शन के बाद कांवड़ उठाते हैं, 225 किमी की दूरी पैदल तय कर महाशिवरात्रि पर सुबह गांव पहुंचकर प्राचीन शिव मंदिर में जल अर्पित करेंगे
-मोनिका सिंह, जखैरा, राजस्थान
कई वर्ष से निरंतर कांवड़ में गंगाजल भरकर ले जा रहे हैं। सभी मनोकामनाएं भोले बाबा पूरी करते हैं। यहां से पवित्र गंगाजल ले जाकर बयाना दुर्ग में द्वापर युगीन शिवलिंग का अभिषेक करेंगे
-उमा, बयाना, राजस्थान