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Kasganj News: गोलामणि को बचाने के लिए दिनभर चले कटानरोधी कार्य

Sat, 03 Oct 2026 11:23 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
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फोटो 38- गोलाम​णि में कटानरोधी कार्य करते श्रमिक। संवाद
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कासगंज। गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव के कारण किलौनी, किसौल एवं सुन्नगढ़ी इलाके की गोलामणि को गंगा के कटान से बचाने के लिए तीन दिन से सिंचाई विभाग की टीम जुटी हुई है। शनिवार को गंगा का जलस्तर कम होने से कटानरोधी कार्यों ने तेजी पकड़ी। अब गंगा के कटान से गोलामणि को फिलहाल सुरक्षित किया गया है। सिंचाई विभाग की ओर से कटानरोधी कार्य पूरे दिन कराया गया। अब तक रेत के 30 हजार बैग कटान प्रभावित इलाकों में लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा परक्यूपाइन स्टड एवं बंबूक्रेट का इस्तेमाल कटान रोकने के लिए किया गया। तीन दिन तक गोलामणि पर तीव्रता के साथ गंगा की धारा ने कटान किया। मणि की भूमि और विशाल वृक्ष भी गंगा में समा गए। मणि से गंगा की धारा 5-6 मीटर दूर तक जा पहुंची, लेकिन अब कटानरोधी कार्य गंगा का जलस्तर कम होने से कारगर होने लगे हैं। फिलहाल संकट भले ही टल गया हो, लेकिन इस इलाके में पक्के कटानरोधी कार्यों की आवश्यकता है। यदि यह कटानरोधी कार्य समय से नहीं हुए तो फिर से कटान आपदा का किलौनी, किसौल व सुन्नगढ़ी इलाके लोगों को करना पड़ेगा। ग्रामीण बबलू ने बताया कि भले ही कटान अब रुकने लगा है, लेकिन यह आपदा बड़ी है। तीन गांव के के लिए खतरा बनी है। ठोस उपाय कटान रोकने के लिए होने चाहिए। वहीं म्यांसुर के विमल राघव का कहना है कि अब यह इलाका कटान के लिए बेहद संवेदनशील हो गया है। पत्थरों का बांध बनाया जाना जरूरी है क्योंकि गंगा की धारा परिवर्तन ले चुकी है। लगातार गांव की ओर धारा का रुख बना हुआ है। एसडीओ, सिंचाई संदीप जैन का कहना है कि गोलामणि और किलौनी इलाके में कटानरोधी कार्य निरंतर जारी हैं। अब गोलामणि के लिए कोई खतरा नहीं है। सिंचाई विभाग बड़ी परियोजना तैयार करके कटान रोकेगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
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