1- सत्यवीर का बेटा गिरीश न्यूरो समस्या से गंभीर बीमार था। 15 से 20 हजार रुपये महीने का खर्च इलाज में आ रहा था। बेटे का इलाज आगरा में चल रहा था।
2- सत्यवीर आर्थिक तंगी के कारण अमांपुर कस्बे के पिता के नाम के मकान में भी हिस्सेदारी की मांग कर रहा था। इस मकान में उसका भाई देशराज रहता है।
3- उधार रुपये चुकाने का भी दबाव बना हुआ था। सत्यवीर ने कुछ लोगों से अलग अलग उधार रुपये ले रखे थे। उधार देने वाले लोग लगातार रुपये मांग रहे थे।
4- सत्यवीर के नाम एक बोलेरो कार थी। किराए पर चलती थी। पिता इसका संचालन कराते थे। बोलेरो की दुर्घटना होने पर मुआवजे की राशि सत्यवीर को मिली जिसमें कुछ रुपये उसने अपने पास रख लिए। यह रुपये रखने के लिए परिवार के लोगों से कहासुनी भी होती थी।
5- सत्यवीर के हिस्से की जमीन पर परिवार के लोग कब्जा जमाए थे और उसके खेती करने में अड़चनें पैदा कर रहे थे। लोगों के बीच इस तरह की चर्चाएं काफी थीं।