कासगंज। वाहन चलाते समय कुछ सेकंड की लापरवाही जिंदगी भर का दर्द दे रही है। जिले में लगातार सड़क हादसों में मौतें हो रही हैं। इस साल छह महीने में अब तक 181 सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें 95 लोगों की जान और 188 घायल हो गए। 48 घंटे में सड़क हादसों में 9 लोगों की मौत हो चुकी है। यातायात पुलिस और उप संभागीय विभाग की ओर से समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाने तथा सख्त कार्रवाई के बावजूद बड़ी संख्या में वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग न करना, तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग करना तथा नशे की हालत में वाहन चलाना हादसों के प्रमुख कारण बनकर सामने आ रहे हैं। हाईवे और फोरलेन मार्गों के साथ-साथ शहर व कस्बों की सड़कों पर भी दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। सबसे अधिक हादसे दोपहिया वाहनों से हुए। इसके अलावा ओवरलोडिंग की वजह से भी लगातार जानें जा रही हैं। एआरटीओ आरपी मिश्र ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। वर्ष 2025 की तुलना में 2026 में अब तक सड़क हादसों में करीब 60 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। ढोलना और सहावर-चांडी मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक है। हादसों के कारणों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
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केस एक
ढोलना थाना क्षेत्र में भरसौली जंगल के पास शुक्रवार रात ऑटो में ट्रैक्टर-ट्रॉली ने टक्कर मार दी थी। ऑटो ओवरलोड था। उसमें 10 लोग सवार थे। इनमें से तीन की मौत हो गई थी। जबकि सात लोग घायल हो गए थे।
केस दो
सोरोंजी के नगरिया में शुक्रवार रात बाइक में एक लोडर ने टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए थे। हादसे के वक्त कोई भी हेलमेट नहीं पहना था।
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सड़क हादसों के आंकड़े
वर्ष -हादसे- मृतक -घायल
2024 - 401- 198 - 290
2025 -439- 209 -292
2026 -181- 95 - 188
- 1 जनवरी से 14 जून 2026 तक
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1 जनवरी से 31 मई 2026 तक यातायात पुलिस की कार्रवाई
-बिना हेलमेट : 11,978 चालान
-बिना सीट बेल्ट : 884 चालान
-मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने पर : 129 चालान
-ड्रिंक एंड ड्राइव : 31 चालान
-ओवर स्पीड : 256 चालान