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सरकारी नुमाइंदों की उपेक्षा का शिकार हो रहे विकलांग

Wed, 06 Mar 2013 05:30 AM IST
Kasganj
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कासगंज। शासन की योजनाओं का लाभ पाने के लिए विकलांग भटकते रहते हैं। शासन विकलांगों के लिए पेंशन योजना संचालित कर रहा है। इस योजना के तहत तीन सौ रुपये प्रतिमाह के हिसाब से दो किश्तों में बैंक खातों में धन भेजने का प्रावधान है। कई विकलांगों को पेंशन मिल ही नहीं रही है और अन्य को पेंशन के लिए भटकना पड़ता है। वहीं, विकलांगों को रोजगार के लिए ऋण वितरण योजना को भी बंद कर दिया गया है। क्षेत्र में 5300 विकलांगों को पेंशन की व्यवस्था निर्धारित है, लेकिन पात्रों को समय से पेंशन नहीं मिल पाती।
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सरकारी नौकरी के लिए कई बार आवेदन किए हैं, लेकिन इन आवेदनों को तवज्जो नहीं दी जाती। - मुकेश, सनौड़ी खास।

पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए दो बार आवेदन कर चुके हैं, लेकिन अभी तक एक बार भी आवेदन स्वीकार नहीं हो सका। - अनोज, नगला गहराना।

विकलांग पेंशन पहले मिलती थी, लेकिन अब नहीं मिल पा रही। जिससे जीवन यापन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। -मौहरपाल, धर्मपुर।

पेंशन समय से नहीं मिलती। बैंक के अधिकारी भी संतुष्टिपूर्ण जवाब नहीं देते।
- विकलांग राजीव कुमार, ततारपुर।

विकलांग पेंशन के लिए विकलांग कल्याण विभाग में आवेदन किया था, लेकिन आवेदन अभी तक स्वीकार नहीं हुआ है। - दिनेश, जखारुद्रपुर।

रोजगार के लिए कोई भी साधन नहीं है। शासन ऋण की भी व्यवस्था विकलांगों के लिए नहीं करता। वहीं पेंशन भी नहीं मिल पाती। - राहुल, भगवंतपुर।
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