कानपुर। भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में खुद को बैंक से अनुबंधित कंपनी हिताची कैश मैनेजमेंट सर्विसेज का कर्मचारी बताकर नकदी लेने पहुंचे युवक पर धोखाधड़ी के प्रयास का आरोप है। कैश लेने के लिए प्रस्तुत आवेदन पर हस्ताक्षर संदिग्ध दिखने पर बैंक कर्मचारियों को शक हुआ। पूछताछ में युवक ने अपना नाम दिलीप कुमार बताया। बैंक प्रबंधन की सतर्कता से नकदी उसके हाथ में जाने से बच गई। एसबीआई के मुद्रा प्रबंधन प्रकोष्ठ के शाखा प्रबंधक उज्ज्वल कुमार ब्रह्मा ने कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी में बताया कि हिताची कैश मैनेजमेंट सर्विसेज बैंक से अनुबंधित है। कंपनी के कर्मचारी बैंक की मुख्य शाखा से नकदी प्राप्त कर एटीएम में कैश भरने और जमा करने का काम करते हैं। 14 अक्तूबर को दिलीप कुमार कर्मचारी बनकर बैंक पहुंचा लेकिन पकड़ा गया। कोतवाली इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी ने बताया कि तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। संवाद