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Kanpur News: किशोरी से रेप में युवक को बीस साल की कैद

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उरई। किशोरी के साथ दुष्कर्म का दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने बीस साल का कारावास और 70 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह राजपूत ने बताया कि डकोर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने कुसमिलिया गांव निवासी रामलखन के खिलाफ 22 सितंबर 2021 को उसकी किशोरी को बहला फुसला कर ले जाने का मुकदमा पंजीकृत कराया था। पुलिस ने किशोरी को खोजने के लिए कई जगह दबिशें दी थी। पुलिस ने किशोरी को रामलखन के पास से खोज लिया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था।
किशोरी का मेडिकल परीक्षण करने के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करने के लिए पेश किया गया था। इस दौरान किशोरी ने बताया था कि रामलखन बहला फुसलाकर ले जाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने रामलखन के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और पॉस्को एक्ट की धारा बढ़ाई थी। पुलिस ने न्यायालय में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
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साक्ष्य और गवाहों के बयान सुनने के बाद सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट डॉ. अवनीश कुमार की अदालत ने दो साल चले ट्रायल के बाद गुरुवार को रामलखन को दोषी पाते हुए 20 साल का कारावास और 70 हजार रूपये अर्थदंड लगाया। दोषी युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर जिला कारागार भेज दिया।
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इनसेट...



किशोरी को ले जाने वाले चालक को सात साल की कैद
उरई। बहला फुसलाकर नाबालिग को ले जाने के मामले में जेसीबी चालक पर दोष सिद्ध हो जाने पर न्यायाधीश मोहम्मद आजाद ने सात वर्ष का सश्रम कारावास व 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत सिंह गुर्जर ने बताया कि कालपी कोतवाली क्षेत्र के आलमपुर गांव निवासी पिता ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया था कि उसकी बेटी (15) 12 मई 2017 को वनखंडी मंदिर दर्शन करने के लिए गई थी। पता नहीं चलने पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था। पुलिस ने 19 दिन के बाद ललितपुर गांव निवासी मनोज रजक के साथ किशोरी को बरामद कर लिया था। पुलिस की पूछताछ में किशोरी ने बताया कि मनोज रजक उसके मोहल्ले में किराए से रहता था। जो जेसीबी चलाता था। वह उसे अपने साथ ले गया था। पुलिस ने मनोज रजक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 4 जुलाई 2017 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। छह साल बाद अदालत में चले ट्रायल के बद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद आजाद द्वारा साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए सात साल की कारावास और 12 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
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