आचार्यों का कहना है कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवरात्रि सबसे उपयुक्त दिन होता है। इन दिन भगवान महादेव की पूजा से शनि भगवान की कृृपा भी प्राप्त हो जाती है। लेकिन उसके लिए सही विधि अपनाना बहुत जरूरी है।
हरदोई के शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि भगवान शिव की प्रसन्नता के बाद श्रद्धालुओं पर शनि देव की कृपा भी बरसती है। भक्त भगवान शिव को प्रसन्न कर कुंडली में शनि दशा के दोष को दूर कर सकते हैं। मान्यता है कि शनि महादेव के आदेश का पालन कर प्राणियों को उनके कर्मों के अनुसार दंड देते हैं। शास्त्रों में बताए शिव उपासना के कुछ आसान उपाय कुंडली में शनि दशा या दोष से जीवन में आ रही तमाम परेशानियों से राहत पा सकता है। शिवरात्रि के दिन शिव मंत्र- ऊं नम: शिवाय बोलते हुए जल से अभिषेक कर गंध, अक्षत फूल चढ़ाएं। साथ में काले तिल भी अर्पित करें। इसके अलावा दूसरी युक्ति में शिव की पूजा में कोई भी शिव मंत्र या स्तुति बोलकर 108 आंकड़े के फूल हर रोज अर्पित करने से भी कृपा प्राप्त होगी। शिवरात्रि 24 फरवरी को है। शिवालयों में तैयारियां शुरू हो गई हैं।