उन्होंने दो हेक्टेयर में तुलसी बोई थी। इसमें 20 क्विंटल पत्ती तैयार हुई। एक्सप्रेस-वे बन जाने से अब किसान दिल्ली की बाजार कर सकेंगे। तुरना निवासी किसान रतन सिंह ने बताया कि 30 बीघे में रामा प्रजाति की तुलसी तैयार की थी। 60 क्विंटल पत्ती तीन लाख की बेची थी।
औषधीय फसलों की सुगम बाजार न होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता था, लेकिन अब बड़ी मंडियां मिलने से फायदा होगा। जिला उद्यान अधिकारी रमेश पाठक ने बताया कि एक्सप्रेस-वे बन जाने से अब किसान आगरा, इटावा, दिल्ली की मंडी में जा सकेंगे।
एक्सप्रेस-वे से बढ़ेगी विकास की रफ्तार
मुस्करा के जखेड़ी गांव के पास से बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के प्रवेश का टोल हैं। शनिवार को प्रधानमंत्री ने लोगों को एक्सप्रेस-वे की सौगात दे दी। उद्घाटन के बाद बैरियर बंद कर दिए गए। लोगों ने एक्सप्रेस-वे को बुंदेलखंड का हृदय बताया। इससे विकास की रफ्तार बढ़ेगी। इस दौरान पुलिस पेट्रोलिंग के साथ प्रमुख जगहों पर एम्बुलेंस मौजूद रहीं।
एक्सप्रेस-वे बनने से बुंदेलखंड के व्यापार में निश्चित रूप से बढ़ोत्तरी होगी। एक्सप्रेस-वे में मौजूद कर्मियों ने बताया कि अभी बैरियर में कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। बैरियर पर टोल टैक्स वाली मशीनें लग चुकी हैं। जल्द ही टोल बैरियर शुरू हो जाएगा।