कानपुर में नौबस्ता निवासी मेडिकल स्टोर संचालक प्रतीक शर्मा की हत्या उसकी पत्नी नेहा और पत्नी के प्रेमी आयुष ने मिलकर की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर केस का खुलासा किया है। एडीसीपी साउथ अंकिता शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपियों में पिछले काफी समय से प्रेम संबंध थे। दोनों साथ रहना चाहते थे लेकिन प्रतीक उनके प्रेम की राह में रोड़ा बन रहा था। इसीलिए उसे रास्ते हटाने के लिए प्लान बनाया गया।
इसके तहत प्रतीक छह मार्च को पत्नी नेहा और बच्चों को कार से अयोध्या स्थित मायके के लिए निकला। अगले दिन सात मार्च को आयुष भी लखनऊ आ गया और दोनों साथ रहे। नौ मार्च को दोनों नेहा और बच्चों को मायके से लेकर लखनऊ लौटे और चारबाग रेलवे स्टेशन के सामने होटल में कमरा लिया। 10 मार्च को यहीं शराब में 11 नींद की गोलियों मिलाकर पिलाकर उसकी हत्या कर गुलाला घाट पर स्थित विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया। 12 मार्च को वह कानपुर लौटी और गाड़ी खराब होने व बनवाने के लिए प्रतीक के बाराबंकी जाने व दो दिन बाद लौटने की बात कही।
इस दौरान उन्होंने प्रतीक के व्हाट्सएप का भी इस्तेमाल किया ताकि परिजन उसके सही सलाम होने का विश्वास करें। हालांकि जब वह नहीं लौटा तो परिजनों के सवालों से परेशान होकर 16 मार्च को नेहा दवाई लेने के बहाने दोनों बच्चों को साथ लेकर घर से चली गई। इसी के बाद परिजनों ने 21 मार्च को बेटे, बहू और बच्चों की गुमशुदगी दर्ज कराई और फिर पुलिस ने जांच शुरू की तो हत्याकांड की पूरी कहानी सामने आ गई। पुलिस ने दोनों को सर्विलांस की मदद से किदवईनगर हाइवे अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया।
दवा सप्लाई के बहाने बढ़ी करीबी
खाद्यान विभाग से सेवानिवृत्त पुनीत शर्मा के बेटे प्रतीक की शादी 2017 में अयोध्या के लालबाग न्यू कालोनी कुम्हार टोला निवासी नेहा शर्मा से हुई थी। दोनों की पांच साल की बेटी मान्या और तीन साल का बेटा अभिराज है। पूछताछ में दवा सप्लाय आयुष ने बताया कि प्रतीक के स्टोर पर दवा सप्लाई के दौरान चार महीने पहले प्रतीक के घर आना-जाना शुरू हुआ और तभी से नेहा से करीबी बढ़ी।