पुखरायां। ढिचकी गांव में शुक्रवार को संत निरंकारी मिशन का आध्यात्मिक सत्संग आयोजित किया गया। इसमें महात्मा रामबाबू ने कहा कि परमात्मा तो हर समय हमारे संग है । कहा कि जब हम भक्ति भाव से भटकते भी हैं तो परमात्मा हमें संभाल लेता है। बस जरूरत पूर्ण समर्पण की है। हम अपने अहंकार को खोकर ईश्वर के प्रति ऐसे हो जाएं जैसे एक पत्ता पानी पर तैरता रहता है। किधर ठहरेगा या तेज बहाव में गुम हो जाएगा यह पता नहीं। जब हम गुरु के शरणागत होकर उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने लगते हैं तो कठिनाई आती हैं, लेकिन जीवन पथ प्रकाशमान होकर दिखने लगता है। हम सही रास्ते का चयन करने में सक्षम हो जाते हैं। तात्पर्य यही है साकार से ही निराकार ईश्वर तक पहुंचने का रास्ता मालूम होता है। जिसके लिए सत्संगी होना आवश्यक हो जाता है। निराकार मिशन के सत्संगी शामिल रहे। (संवाद)