कानपुर में भाजपा कार्यक्रम में आए रेलमंत्री सुरेश प्रभु हैरान-परेशान हो गए और फौरन कुर्सी छोड़कर चल दिए।
कानपुर में पिछले डेढ़ महीने में दो रेल हादसे, मंधना में पटरी काटने की साजिश के बाद शहर आने के बाद भी रेल मंत्री सुरेश प्रभु जवाबदेही से बचे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह तो कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विधानसभा चुनाव में इस बार यूपी में भाजपा की सरकार बनेगी। लेकिन जैसे ही पुखरायां हादसे का नाम आया, फौरन कुर्सी छोड़ दी और बिना कोई जवाब दिए चले गए। जबकि इसी दौरान राष्ट्रगान की घोषणा हुई लेकिन रेल मंत्री को जाता देख राष्ट्रगान शुरू नहीं कराया गया। रेल मंत्री से पुखरायां स्टेशन के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस डिरेलमेंट में हुई 152 यात्रियों की मौत और 300 यात्रियों के घायल होने व रूरा में हुई सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस डिरेलमेंट में घायल हुए 68 यात्रियों की जिम्मेदारी की बाबत जानकारी विभाग के मुखिया से लोग जानना चाहते थे। लेकिन उनके इस तरह से इस दिशा में जांच की प्रक्रिया और हादसे के जिम्मेदारों पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए उनके उपायों का रेल यात्रियों को इंतजार है।