कानपुर। पिछले कुछ समय में मौसम को लेकर किया गया पूर्वानुमान सटीक साबित नहीं हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग सटीक भविष्यवाणी को लेकर लगातार मंथन कर रहा है। बुधवार को भी उत्तर प्रदेश मौसम विभाग की तरफ से लखनऊ में मौसम विज्ञानियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। जिसने मौसम की सटीक भविष्यवाणी को लेकर भी चर्चा हुई। इस संबंध में विशेषज्ञों ने बताया कि मौसम विभाग के पास मानसून और वातावरण में होने वाले परिवर्तन को लेकर जो उतार चढ़ाव होता है, उसका डाटा एकत्र किया जाता है। इसी के आधार पर आगामी मौसम की भविष्यवाणी की जाती है। कभी-कभी हवाओं की गति ऐन वक्त पर बदल जाने से किया गया पूर्वानुमान गलत हो जाता है। इसका ताजा उदाहरण बुधवार एक जुलाई को महानगर में हल्की बूंदाबांदी होने की बात कही गई थी लेकिन पूरे दिन उमस और धूप ने लोगो को खूब परेशान किया। इससे पहले भी 12 जून को की गई भविष्यवाणी गलत साबित हुई थी। स्थानीय मौसम विभाग पेट वैज्ञानिक एसएन पांडे ने बताया कि मानसून के पहले दिन के आगमन पर जोरदार बारिश की भविष्यवाणी इस पैमाने पर की गई थी कि अरब सागर से उठने वाली हवाओ का रुख गोरखपुर होते हुए कानपुर और बुंदेलखंड की ओर था। कभी कभी ऐसा होता है कि हवा का रुख अचानक बदल जाने से इसमें परिवर्तन आ जाता है। कल से फिर बारिश की संभावना कानपुर। महानगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बुधवार को पारा और ऊपर चला गया। अधिकतम तापमान में एक डिग्री की बढ़त के साथ तापमान 35.4 डिग्री और दो डिग्री की बढ़त के साथ न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रहा। पूर्वानुमान है कि इस सप्ताह जिला स्तर पर आसमान में हल्के से मध्यम बादल छाए रहने के कारण 3 से 5 जुलाई के मध्य तेज हवाओं और गरज चमक के साथ स्थानीय स्तर पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है।