भीषण गर्मी से जूझ रहे शहरियों को प्री मानसूनी बारिश ने बड़ी राहत दी है। अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और जम्मू-कश्मीर से नमी लेकर आई हवाओं ने तापमान को नियंत्रित कर लिया। हवाओं के साथ बादल आ गए और विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार रात के बाद गुरुवार शाम को भी छिटपुट बारिश हुई। सीएसए की मौसम वेधशाला में 2.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
दो महीने के बाद अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से नीचे आए। सीएसए के मौसम विभाग प्रभारी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मानसून के चार-पांच दिन बाद झमाझम बारिश के साथ कानपुर परिक्षेत्र में पहुंचने की उम्मीद है। थार मरुस्थल से होकर आईं गर्म उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने पारा को 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बनाए रखा। हवाओं के रुख बदलते ही माहौल में बदलाव आ गया। अरब सागर, बंगाल की खाड़ी की नम हवाओं के साथ कानपुर परिक्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का भी असर आ गया।
इससे नमी का प्रतिशत 24 घंटे में 31 प्रतिशत से बढ़कर 71 प्रतिशत हो गया। बादल आए और स्थानीय स्तर पर हल्की तेज और कहीं बूंदाबांदी शुरू हो गई। गुरुवार को अधिकतम पारा सामान्य औसत से 0.9 डिग्री कम 38.2 और न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस कम होकर 25.8 पर आ गया।
मौसम विभाग प्रभारी डॉ. पांडेय ने बताया कि मानसून अभी तक बिहार की सरहद पर ठिठका हुआ है। हवाओं का रुख बदलने से मानसून का पूर्वी छोर आगे बढ़ने लगा है। कानपुर परिक्षेत्र पहुंचने में इसके पांच-छह दिन में पहुंचने का अनुमान है। अगर हवाओं की गति तेज हुई तो यह और जल्दी पहुंच सकता है। अब शाम, रात और सुबह के वक्त मानसूनी बारिश, अंधड़ चलने का अनुमान है। लेकिन मानसून के पहुंचने तक दिन में उमस भरी गर्मी बनी रहेगी। लेकिन लू नहीं चलेगी।