बैराज मार्ग के दोनों तरफ बस गए हैं परिवार
इसमें छह गांव के घरों में भी पानी भरा है। जलस्तर तेजी से बढ़ने कि वजह से लोगों ने घर छोड़कर बैराजमार्ग पर तिरपाल के नीचे अपना आशियाना बना लिया है। जिसमें करीब 70 परिवार बैराज मार्ग के दोनों तरफ बस गए और 16 परिवारों को चैनपुरवा गांव के बाहर बने प्राथमिक विद्यालय में रखा गया है।
प्रशासन मुहैया करा रहा है भोजन
वहीं जानवरों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। इन परिवारों को खाने-पीने की दिक्कत न हो इसके लिए दोनो समय का भोजन भी मुहैया कराया जा रहा है। चैनपुरवा, भोपालपुरवा, भगवानदीनपुरवा, गोपालपुर, बनियापुरवा, भारतपुरवा गांव की स्थिति ज्यादा खराब है।
अब घटेगा पानी , बीमारी का खतरा
तहसीलदार रितेश कुमार ने बताया कि शनिवार को पानी घटना शुरू हो गया है। अब जल्द ही पानी कम होगा। लोग बीमारी की चपेट में न आएं इसलिए सफाई कर्मी और स्वास्थ्य विभाग की टीम को अलर्ट कर दिया गया है। जिन-जिन गांव से पानी हटता जाएगा वहां पर फॉगिंक और सफाई कार्य शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही सभी को फाइलेरिया की दवा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वितरित करना शुरू कर दिया है।
इन गांवों में अभी भी पानी घुसा
अपस्ट्रीम में भोपाल का पुरवा, बनियापुरवा, भगवानदीनपुरवा, धल्लापुरवा, गिन्नीपुरवा, लक्ष्मणपुरवा और भरतपुरवा में पानी घुस चुका हैं। डाउनस्ट्रीम में पानी चैनपुरवा, धरमखेड़ा, दिगिनापुरवा और पहाड़ीपुर में पानी भरा है।
प्रशासन की टीम पूरी तरह से ग्रामीणों की मदद कर रही है। दोनों समय का भोजन उन्हें दिया जा रहा है। जो नए परिवार यहां पर आए हैं उन्हे तिरपाल दिया गया है। बाढ़ चौकी पर लेखपाल और अमीन 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। उनकी पूरी मदद की जाएगी। -राजेश कुमार, एडीएम एफआर