मोबाइल पर दोनों के बीच बातचीत होनी लगी और प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया। शुक्रवार की रात 11 बजे राजीव कुमार चोरी छिपे आरती देवी से मिलने आया था। तभी आरती के परिजनों और ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद फोन कर राजीव के परिजनों को सूचना देकर गांव बुला लिया।
शनिवार सुबह 11 बजे परिजनों और ग्रामीणों ने गांव के मंदिर में राजीव कुमार की आरती देवी के साथ शादी करा दी। दोनों ने एक दूसरे को जयमाल पहनाया। राजीव ने आरती की मांग भरकर पत्नी स्वीकार की। इसके बाद आरती देवी की राजीव के साथ विदा कर दिया गया। थाना प्रभारी कमल भाटी ने बताया कि प्रेमी-प्रेमिका बालिग हैं। परिजनों की सहमति के बाद शादी हुई है।
ग्रामीण पिटाई करने पर थे अमादा, आरती ने की मिन्नतें
रात के अंधेरे में परिजनों और ग्रामीणों ने चोर समझ कर राजीव कुमार को पकड़ लिया। इस दौरान ग्रामीण राजीव कुमार को पीटने पर आमादा हो गए।
यह सुनकर आरती अपने को रोक नहीं पाई और चीख-चीख कर प्रेम-प्रसंग को सार्वजनिक कर राजीव को छोड़ने की मिन्नतें करने लगी। दोनों जब साथ जीने और मरने की बात कहने लगे, तो आरती के परिजनों और ग्रामीणों ने शादी करने का ही रास्ता बेहतर समझा और शादी करवा दी।