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Etawah: गजब का शातिर! लखनऊ तक फैला रखा था जाल, 12 जिलों के डीएम-एसपी की मुहरें बरामद, ऐसे दबोचा गया

Wed, 29 Mar 2023 11:39 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में पकड़ा गया शातिर सचिवालय कर्मी बताकर नौकरी के नाम पर लोगों से ठगी करता था। पुलिस शातिर के नेटवर्क की तलाश में जुट हुई है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इटावा जिले में खुद को सचिवालय कर्मी बताकर नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले शातिर को बसरेहर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके पास से उपमुख्यमंत्री का फर्जी लेटर पैड, 12 जिलों के डीएम, एसपी और एसएसपी की मुहरें बरामद हुई हैं।

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बुधवार सुबह राजेश कुमार पाल निवासी ग्राम उजागरपुर थाना किशनी मैनपुरी ने बसरेहर थाने आकर बताया कि बसरेहर कस्बा निवासी मनोज उर्फ कल्लू पाल से कुछ समय पहले उनकी मुलाकात हुई थी। उसने खुद को सचिवालय कर्मी बताया था। कहा कि उसकी कई बड़े अधिकारियों और नेताओं से पहचान है।
बेटे की नौकरी लगवाने के नाम पर 3.90 लाख रुपये ले लिए। कई महीने बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो उन्होंने मनोज से रुपये वापस मांगे, लेकिन वह टरकाने लगा। पुलिस ने राजेश की तहरीर पर मनोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

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इसी दौरान सूचना मिली कि मनोज कार से लोहिया पुल से होकर कहीं जा रहा है। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। मनोज ने बताया कि लोगों को फर्जी आईडी दिखाकर खुद को उत्तर प्रदेश सचिवालय का कर्मचारी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगता था। शस्त्र लाइसेंस बनवाने का भी झांसा देता था।

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी मनोज के पास से गोरखपुर, झांसी, वाराणसी, मऊ, आगरा, गाजीपुर, लखनऊ, इटावा, गोंडा, मैनपुरी, मथुरा, फिरोजाबाद के जिलाधिकारी, एसपी और एसएसपी की फर्जी मुहरें बरामद हुईं हैं।

एक फर्जी मुहर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की, दो स्मार्टफोन, कार, सचिवालय के चपरासी के पद के दो फर्जी आईडी कार्ड और दो फर्जी लेटर पैड उपमुख्यमंत्री के नाम के मिले हैं। एसएसपी ने बताया कि उसके साथ और कितने लोग जुड़े हैं, इसका पता लगाया जा रहा है।

लखनऊ तक फैला रखा था जाल, करोड़ों की जुटाई संपत्ति
खुद को लखनऊ सचिवालय का कर्मी बताकर नौकरी और असलहे बनाने के नाम पर ठगने वाला मनोज पाल शातिर ठग निकला। उसने लखनऊ तक जाल फैला रखा था और करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली थी। शहर के सिविल लाइन और बसरेहर में उसके आलीशान मकानों के बारे में जानकारी हुई है।

पुलिस को उसके लखनऊ में रहने वाले दो साथियों के बारे में भी पता चला है जिन्हें पकड़ने के लिए टीम रवाना हो चुकी है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मनोज पाल निवासी कस्बा बसरेहर ने करीब तीन साल से ठगी का काम करने की बात कबूली है। इसके गिरोह में कुल चार सदस्य थे।

फ्रेंडस कॉलोनी में रहने वाले एक साथी की 10 दिन पहले मौत हो चुकी है। दो साथी लखनऊ में रह रहे हैं। जो शिकार तलाशते हैं और मनोज उन्हें अपने जाल में फंसाकर ठगता था। अनुमान है कि इस गिरोह ने करीब 50 लोगों के साथ अभी तक करोड़ों की ठगी की।

ठगी के पैसों से मनोज ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की। उसके पास से एप्पल के दो मोबाइल बरामद हुए हैं। इनकी कुल कीमत तीन लाख रुपये हैं। इसके अलावा एक कार, सचिवालय की फर्जी आईडी समेत और भी दस्तावेज मिले हैं। मनोज नौकरी लगवाने के साथ ही लोगों से असलहा का लाइसेंस बनवाने के नाम पर भी ठगी करता था। 
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मनोज के मोबाइल में पुलिस को मिली बड़ी जानकारियां
मनोज से बरामद दोनों मोबाइलों से पुलिस को बड़ी जानकारियां हाथ लगी हैं। हालांकि पुलिस ने अभी इसका खुलासा नहीं किया है लेकिन इतना जरूर बताया है कि इन जानकारियों की मदद से जल्द बड़ा खुलासा किया जाएगा। एसएसपी के मुताबिक, मनोज को जल्द रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
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