कानपुर के घाटमपुर में चार महीने पहले हुई मेडिकल स्टोर संचालक की हत्या की दोबारा जांच में क्राइम ब्रांच ने बड़ा खुलासा किया है। जांच टीम ने मृतक पत्नी और शव ठिकाने लगाने वाले उसके एक रिश्तेदार को आरोपी बनाकर रविवार को जेल भेजा है। इसके पहले पुलिस ने केवल महिला के प्रेमी को जेल भेज कर मामले में चार्जशीट लगा दी थी।
क्राइम ब्रांच के खुलासे से घाटमपुर पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। एसपी क्राइम डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि घाटमपुर कस्बा निवासी रविमोहन (46) का मेडिकल स्टोर था। वे पांच अक्तूबर 2020 को लापता हो गए थे। बांदा के बबेरू थाना इलाके में उनका शव पड़ा मिला था। रेनू के भाई मयूर ने रवि मोहन के फतेहपुर निवासी भांजे महेंद्र कुमार उर्फ मोनू पर अपहरण कर हत्या करने का केस दर्ज कराया था।
केस के विवेचक इंस्पेक्टर अनूप कुमार निगम ने महेंद्र को जेल भेज चार्जशीट दाखिल कर दी थी। नवंबर में मृतक के चचेरे भाई शशि कुमार ने डीआईजी से मामले की दोबारा जांच की मांग की। तब जांच क्राइम ब्रांच को दी गई। क्राइम ब्रांच एसपी के मुताबिक जांच में पाया गया कि पांच अक्तूबर को रेनू और महेंद्र ने रवि की हत्या कर दी थी। महेंद्र ने जरौली कोठी बांदा निवासी चंद्रप्रकाश उर्फ भोले की मदद से बांदा में शव ठिकाने लगा दिया था। क्राइम ब्रांच ने चंद्र प्रकाश व रेनू को जेल भेजा है।