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यूपी: पत्नी ने प्रेमी संग की थी पति की हत्या, क्राइम ब्रांच ने किया खुलासा, पुलिस की लापरवाही उजागर

Sun, 24 Jan 2021 08:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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आरोपी प्रेमी प्रेमिका - फोटो : amar ujala
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कानपुर के घाटमपुर में चार महीने पहले हुई मेडिकल स्टोर संचालक की हत्या की दोबारा जांच में क्राइम ब्रांच ने बड़ा खुलासा किया है। जांच टीम ने मृतक पत्नी और शव ठिकाने लगाने वाले उसके एक रिश्तेदार को आरोपी बनाकर रविवार को जेल भेजा है। इसके पहले पुलिस ने केवल महिला के प्रेमी को जेल भेज कर मामले में चार्जशीट लगा दी थी।
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क्राइम ब्रांच के खुलासे से घाटमपुर पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। एसपी क्राइम डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि घाटमपुर कस्बा निवासी रविमोहन (46) का मेडिकल स्टोर था। वे पांच अक्तूबर 2020 को लापता हो गए थे। बांदा के बबेरू थाना इलाके में उनका शव पड़ा मिला था। रेनू के भाई मयूर ने रवि मोहन के फतेहपुर निवासी भांजे महेंद्र कुमार उर्फ मोनू पर अपहरण कर हत्या करने का केस दर्ज कराया था।

केस के विवेचक इंस्पेक्टर अनूप कुमार निगम ने महेंद्र को जेल भेज चार्जशीट दाखिल कर दी थी। नवंबर में मृतक के चचेरे भाई शशि कुमार ने डीआईजी से मामले की दोबारा जांच की मांग की। तब जांच क्राइम ब्रांच को दी गई। क्राइम ब्रांच एसपी के मुताबिक जांच में पाया गया कि पांच अक्तूबर को रेनू और महेंद्र ने रवि की हत्या कर दी थी। महेंद्र ने जरौली कोठी बांदा निवासी चंद्रप्रकाश उर्फ भोले की मदद से बांदा में शव ठिकाने लगा दिया था। क्राइम ब्रांच ने चंद्र प्रकाश व रेनू को जेल भेजा है। 
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रेनू ने आत्महत्या करने का किया था नाटक 
जब रवि मोहन की हत्या हुई थी तो 12 अक्तूबर को रेनू ने हाथ की नस काटकर खुदकुशी करने की कोशिश की थी। बाकायदा सुसाइड नोट लिखकर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया था। अब पता चला है कि शक न होने की वजह से रेनू ने ऐसा किया था। पुलिस के मुताबिक महेंद्र लॉकडाउन से ही रविमोहन के घर आ रहा था। उसका रेनू से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 

ऐसे हुआ पर्दाफाश, विवेचक के खिलाफ जांच
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर रामबाबू के मुताबिक उन्होंने आरोपी महेंद्र की कॉल डिटेल देखी तो उसमें चंद्र प्रकाश का नंबर मिला। सीडीआर से पता चला कि पांच अक्तूबर को दो बार महेंद्र व चंद्रप्रकाश की बात हुई। दोनों की लोकेशन बांदा में एक साथ मिली और कानपुर में भी साथ थे। चंद्रप्रकाश को जब टीम ने उठाया तो उसने सच उगल दिया।

बताया कि कार से शव लेकर महेंद्र बांदा गया था। वहां पर उसने शव ठिकाने लगाया। उसके बाद वो महेंद्र के साथ कानपुर आया। एक ढाबे में रुका और दूसरे दिन चला गया। इसके लिए उसे 1200 रुपये महेंद्र ने दिए। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में विवेचक की भूमिका जांची जा रही है।
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