पिता सुंदरलाल ने बताया कि शुक्रवार रात एक अधिकारी ने फोन कर बेटे के शहीद होने की सूचना दी थी। श्याम सिंह का एक आठ साल का बेटा अमन है। पिता खेती करते हैं। शनिवार सुबह ही एसडीएम अतुल कुमार और सीओ विक्रमाजीत सिंह दिवंगत लांसनायक के घर पहुंचे और सांत्वना दी।
गुरुवार को पत्नी से हुई थी बात
श्याम सिंह यादव ने गुरुवार को आखिरी बार पत्नी विनीता से फोन पर बात की थी। शुक्रवार को पत्नी ने फोन मिलाया तो वह स्विच ऑफ था। माता-पिता की बीमारी व 16 नवंबर को सास की मौत होने पर वह 17 नवंबर को छुट्टी लेकर घर आए थे। आठ दिसंबर से छुट्टी समाप्त होने पर उसी दिन ड्यूटी पर लौट गए थे।
जरा इनकी भी याद करो कुर्बानी
देश सेवा करते श्याम सिंह यादव की जान जाने पर ब्लॉक क्षेत्र के दो और जवानों की कुर्बानी लोगों को याद आ गई। उस समय इन दोनों की याद में स्मारक बनवाने के वादे किए गए थे, लेकिन अभी तक अमल नहीं हो सका है। हिलौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत मवई के मजरे धनोखर निवासी फौजी शिवकांत सिंह 15 जुलाई 2006 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकी संगठनों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।
शहीद की पत्नी निर्मला देवी ने बताया कि अब तक पति के नाम का स्मारक स्थल नहीं बन पाया है। हिलौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत रजवाड़ा के मजरे चंदीखेड़ा निवासी फौजी पंकज कुमार की 28 मार्च 2018 को कर्नाटक के बंगलौर साउथ सेंटर में जान चली गई थी। मृतक के बड़े भाई नीरज कुमार यादव ने बताया कि अब तक उनकी याद में स्मारक स्थल नहीं बना है। अब शहीदों के नाम पार्क बन जाए तो अच्छा रहेगा।