पास में ही घर होने से वह ही चाची शारदा की देखभाल करती थी। मां के अकेले होने से बेटी प्रतीक्षा रोजाना मां को फोन करके बात करती थी। शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे उसने मां को फोन मिलाया लेकिन नहीं उठा। फिर उसने चचेरी बहन अनीता को फोन मिलाया तो उसने भी फोन नहीं उठाया।
दोनों के फोन न उठने पर उसने बटाईदार कमलेश को फोन करके घर जाकर मां से बात कराने को कहा। बटाईदार का घर दूर होने से वह करीब 11 बजे वृद्धा के घर पहुंचा तो उसे दरवाजा खुला मिला। अंदर जाकर देखा तो शारदा का रक्तरंजित शव जमीन पर पड़ा दिखा। यह देख वह चीखता हुआ बाहर निकला और परिजनों को सूचना दी।
कुछ ही देर में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ लग गई। हत्या की सूचना पर कानपुर में नौकरी करने वाला दामाद दीपक पहले और बेटी प्रतीक्षा बाद में पहुंचे। सीओ आरके शुक्ला व सोहरामऊ एसओ अमित सिंह रात में ही घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की। बेटी ने किसी पर शक न जाहिर करते हुए अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।