आइसक्रीम लेने गई थी किशोरी
हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक परिवार के साथ दही थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले में किराए पर रहकर फैक्टरी में मजदूरी करता है। रविवार 21 मई की रात करीब 8:30 बजे उसकी 16 वर्षीय बेटी आइसक्रीम लेने घर से निकली थी। काफी देर तक न लौटने पर परिजनों ने तलाश की, लेकिन पता नहीं चला।
कार में खींच ले गए थे आरोपी
रात करीब 12:30 बजे वह गंभीर हालत में घर पहुंची। बेटी की हालत देख माता-पिता परेशान हो गए। उसने आपबीती बताई, तो पिता ने पुलिस को सूचना दी। बताया कि लखनऊ बाईपास के पास एक गेस्ट हाउस के पास मजार के सामने से सफेद रंग की कार सवार दो लोगों ने उसे कार में खींच लिया।
कई लोगों ने किया दुष्कर्म
इसके बाद एक होटल में लेकर गए, जहां कई लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पता चला कि शहर के मोती नगर मोहल्ला निवासी गेस्ट हाउस मालिक व प्राइवेट इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी चलाने वाला अनिल तूली और उसके साथ में ही ब्रॉबैंड का काम करने वाला शुक्लागंज की सीताराम कॉलोनी निवासी सुनील किशोरी को लेकर आए थे।
पुलिस ने दोनों को भेजा है जेल
इसके बाद में कुछ और लोग भी आए थे। सूचना सीओ आशुतोष कुमार भी होटल पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जिसमें रात 8:30 बजे अनिल तूली और सुनील किशोरी को होटल लेकर जाते दिखे और रात 12:30 बजे वहां से निकलते थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए सोमवार को जेल भेज दिया।
होटल में चार घंटे और तीस कैमरे, जांच में लगेगा वक्त
पीड़िता के अनुसार उसके साथ तीन से चार लोगों ने गलत काम किया। बताया कि अत्यधिक पीड़ा होने से वह बेहोशी की हालत में थी। वहीं पिता ने तीन लोगों पर आरोप लगाया है। पुलिस सफाई दे रही है कि होटल में चार घंटे की फुटेज और अलग-अलग दिशा व स्थानों पर लगे करीब तीस कैमरों की रिकार्डिंग को जांचने में काफी वक्त लगेगा।
सीसीटीवी में दिख रहे हैं कई लोग
दही थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि होटल की जिस गैलरी में वह कमरा है, जिसमें किशोरी से दुष्कर्म किया गया वहां की फुटेज में कई लोग आते जाते दिख रहे हैं। वह उसी कमरे में जा रहे हैं या किसी और कमरे में इसकी पुष्टि के लिए कई कैमरों की फुटेज खंगालनी पड़ रही है।
कमरा नंबर 302 में हुई घटना
होटल के जिस कमरे में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई उसका नंबर 302 है। इस कमरे में कौन-कौन गया और कितनी देर रुका इसका पूरा रिकार्ड पुलिस खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों आरोपी अक्सर किसी न किसी को लेकर होटल में जाते थे और कमरा नंबर 302 ही खुलवाते थे। इस कमरे के बहार लगे कैमरे की पुरानी फुटेज भी खंगाली जा रही हैं।फारिश नहीं सुनी गई।
अनिल की थी कार, सीज
जिस सफेद रंग की कार से किशोरी का अपहरण किया गया था वह अनिल तूली की है। रजिस्ट्रेशन के कागजातों से इस की पुष्टि करने के बाद पुलिस ने कार को सीज कर दिया है।
दोनों के मोबाइल पुलिस के कब्जे में
चर्चा है कि सामूहिक दुष्कर्म के दोनों आरोपी लड़कियों के अश्लील वीडियो बना कर उन्हें ब्लैकमेल करते थे। इसपर पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन कब्जे में लिए हैं।
दोनों एक-दूसरे पर मढ़ते रहे आरोप
सीसीटीवी फुटेज में किशोरी को कार से उतार कर होटल में ले जाने और वहां से करीब साढ़े बारह बजे वापस लेकर जाते हुए स्पष्ट देखे गए दोनों नामजद आरोपियों से पुलिस ने कई चक्र पूछताछ की। लेकिन हर बार वह खुद को निर्दोष बताते रहे। अनिल तूली ने बताया कि वह तो कार चला रहा था। सुनील ने किशोरी को कार में बैठाया था।
सुनील काफी दिनों से किशोरी पर नजर रखे था
वहीं सुनील ने बताया कि गेस्ट हाउस आते-जाते समय सुनील काफी दिनों से किशोरी पर नजर रखे था, उसी ने घटना की है। दोनों काफी देर तक पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। पुलिस ने सख्ती दिखाई तब भी दोनों किशोरी को ले जाने की बात तो कबली लेकिन खुद को निर्दोष बताते हुए दुष्कर्म न करने और एक-दूसरे पर आरोप मढ़ते रहे।
लखनऊ-कानपुर तक से आए सिफारिशी फोन
पुलिस के अनुसार दोनों को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें छुड़ाने के लिए लखनऊ और कानपुर तक से लोगों ने फोन किए। हालांकि पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज का साक्ष्य होने से किसी की सि