तफ्तीश की शुरुआत में पुलिस नामजद आरोपियों से पूछताछ में उलझी रही। मृतका के मोबाइल का लॉक तोड़ने के बाद व्हाट्सएप चैट निकाली गई तो घटना का सच सामने आया। शुक्रवार रात को ही एसओजी ने माखी थानाक्षेत्र के गांव रावतपुर निवासी रामबरन गौतम उर्फ राज और उसके दो साथियों को उठाया था। रामबरन उर्फ राज एमए प्रथम वर्ष का छात्र है। वह शहर के बाईपास स्थित अनुसूचित जाति छात्रावास में रहकर आईएएस की तैयारी कर रहा है।
पूछताछ में आरोपी छात्र ने बताया कि छात्रा ने फोन कर घर में अकेले होने की बात बताई थी। उससे मिलने जाने से पहले उसने शक्ति वर्धक (कामोत्तेजक) दवा की तीन गोलियां दवा दुकान से खरीदकर खाई थीं। छात्रा के घर पहुंचने पर उसने छात्रा के साथ जबरदस्ती की। उसने विरोध किया लेकिन वह नहीं माना और दुष्कर्म किया। उधर, एसपी ने खुलासे में कोतवाल राजेश पाठक और एसओजी प्रभारी प्रदीप कुमार और उनकी टीम को बधाई दी है।
अभी दुष्कर्म और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। आगे जो भी तथ्य आएंगे, उसके अनुसार धाराएं बढ़ाई जाएंगी। - सिद्धार्थ शंकर मीना, एसपी
पिता बोला, गले नहीं उतर रहा खुलासा
छात्रा की हत्या की घटना में पुलिस के खुलासे पर मृतका के पिता ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दुष्कर्म से ऐसी चोट नहीं आ सकती जिससे मौत हो जाए। बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नाजुक अंग में गहरी चोट की पुष्टि हुई थी। उनका कहना है कि बेटी के नाजुक अंग में कोई चीज घोंपी गई है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की फोरेंसिक एक्सपर्ट से भी जांच कराई जाए तभी सारे तथ्य सामने आएंगे।
क्या कहते हैं डॉक्टर
डॉक्टरों का मानना है शक्तिर्धक दवा की अधिक डोज लेने पर चोट तो आ सकती है, लेकिन अत्यधिक खून बहने और खून के थक्के नहीं हो सकते। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जैसी चोट की पुष्टि हुई है वह किसी रॉड जैसी चीज की भी हो सकती है।