गार्डों ने सिपाहियों को बताया घटनाक्रम
इस पर पुलिस के एक मुखबिर ने कादरीगेट चौकी से दो सिपाहियों को बुला लिया। गार्डों ने सिपाहियों को रात का पूरा घटनाक्रम बता दिया। सुबह 10 बजे पहुंचे रोडवेज के कर्मचारियों ने सिपाहियों से युवती को परिजनों तक पहुंचाने की बात कही।
सिपाहियों ने पूछताछ करके छोड़ा
इसके बावजूद सिपाहियों ने युवती के परिजनों को सूचना देने की बजाय तीनों युवकों को एकांत में ले जाकर एक घंटे तक बातचीत की। इसके बाद चारों को बस अड्डा से भगा दिया। बस अड्डा प्रभारी उर्मिला दुबे ने बताया कि उनके आने पर युवती के बारे में पता चला, मगर तब तक पुलिस कर्मी उसे भेज चुके थे।
रैन बसेरा में आधार कार्ड होने पर किसी भी बेसहारा महिला-पुरुष को रोका जा सकता है। मगर रैन बसेरा में सिंदूर भरना, बिछुआ पहनवाना गलत है। इसकी जांच कराकर दोषी पर कार्रवाई करेंगे। -रविंद्र कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद