अनिल ने शोर मचाते हुए डंपर का पीछा किया तो दो सौ मीटर बाद चालक डंपर छोड़कर भाग गया। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे और डंपर को कब्जे में लेकर कोतवाली में खड़ा कराया। परिजनों के पहुंचने से पहले ही शवों को भेजने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने उन्नाव-पुरवा मार्ग पर जाम लगा दिया। अधिकारियों ने चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि चालक और मालिक का पता लगाया जा रहा है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
एक घंटा प्रभावित रहा यातायात
जाम लगाने के कारण एक घंटे यातायात प्रभावित रहा। प्रभारी तहसीलदार अमृतलाल, सीओ विक्रमाजीत सिंह, एसओ मौरावां अमरनाथ और पुरवा कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने पहुंचकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक समझाने के बाद भी जब जाम नहीं हटा तो पुलिस ने लाठियां पटकनी शुरू कर दीं। इसके बाद भीड़ में अफरातफरी मच गई।
एक साथ दो मौतों से सदमे में अनिल
पत्नी और भाभी की एक साथ मौत से अनिल सदमे में आ गया। लोगों ने उसे शांत कराया। मृतक राजकुमारी के बच्चों में मयंक, महिमा, महक और सोनम हैं। बेटी सोनम को गले से चिपकाए वह फफता रहा। मृतका सोनी का पति रामबिलास दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। दो बच्चों में कृष्णा और करन है। पत्नी की मौत से पति और बच्चे बेहाल हैं।