ये यूपी के अलग-अलग जिलों के अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। इसी तरह एक अगस्त को लेखपाल भर्ती परीक्षा में हाईटेक डिवाइस से नकल करते जय सिंह व कर्मपाल पकड़े गए थे। कार्रवाई हो रही है लेकिन फिर भी सॉल्वर परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं। इन पर पूरी तरह से शिकंजा नहीं कस पा रहा है।
यह था व्यापमं कनेक्शन
मध्यप्रदेश में व्यापमं घोटाला हुआ था। इसमें 2016 में कल्याणपुर से एक नेता की गिरफ्तारी एसटीएफ ने की थी। यह नगर पंचायत अध्यक्ष रह चुका था। जांच में सामने आया था कि व्यापमं घोटाले में यूपी का सरगना था। उसी ने यूपी में घोटाले का जाल बिछाया था।
एसटीएफ की कार्रवाई से दहशत, परीक्षा देने नहीं आए दो सॉल्वर
कानपुर में पीईटी (प्रारंभिक अर्हता परीक्षा) के पहले दिन एसटीएफ ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए प्रदेश भर से दो दर्जन से अधिक सॉल्वर और अभ्यर्थी पकड़े। दूसरे दिन भी परीक्षा में दो सॉल्वरों के बैठने इनपुट एसटीएफ के पास था। हालांकि ऐसा कोई परीक्षा में शामिल नहीं हुआ।
यशोदा नगर के एक परीक्षा केंद्र से एसटीएफ ने शनिवार को महाराजगंज निवासी सैफ अहमद खान को परीक्षा देते गिरफ्तार किया था। वह हरदोई के रघुवीर सिंह की जगह पर परीक्षा दे रहा था। नौबस्ता थाने में दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। रविवार को दोनों जेल भी भेज दिए गए।
सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ कानपुर टीम को जानकारी मिली थी कि शहर के दो परीक्षा केंद्रों पर एक-एक सॉल्वर शामिल होने वाला है। पूरी जानकारी जुटाकर टीम केंद्रों पर पहुंची लेकिन सॉल्वर नहीं आए। उधर एक अन्य सॉल्वर के बारे में लखनऊ एसटीएफ टीम को जानकारी हुई थी, जो फर्रुखाबाद में परीक्षा देने वाला था। वह भी परीक्षा में शामिल नहीं हुआ।