शिवकुमार और उसके गांव के छोटेलाल का पुत्र ओमप्रकाश (21), कमलेश (22) व प्रयागराज सोरांव थाने के बड़ोखर निवासी अच्छेलाल का पुत्र अर्जुन (23) रात की शिफ्ट में काम करने के बाद एक कमरे में सोये थे। ठंड की वजह से कमरे के अंदर बैटरी का स्क्रैप भी सुलगा रखा था।
कमरे में चारों बेसुध हालत में पड़े थे
श्रमिक सुबह काम पर लौटे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। श्रमिकों ने कमरे की खिड़की से धुआं उठता देखकर दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न आने पर खिड़की तोड़ी। चारों बेसुध हालत में पड़े थे। खिड़की से उतरकर श्रमिकों ने दरवाजा खोला। कमरे में धुआं भरा था। मौके पर शिवकुमार और अर्जुन को मृत पाया।
दो को गंभीर हालम में कानपुर हैलट रेफर किया
ओमप्रकाश ओर कमलेश की सांसे चलती देखकर फैक्टरी प्रशासन को खबर दी। उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टर ने दोनों की हालत नाजुक देखकर कानपुर हैलट रेफर किया। एसडीएम अनिल यादव और नायब तहसीलदार प्रतिमा द्विवेदी मौके पर जांच को पहुंचे हैं।