दो माह पूर्व पाकिस्तान से भारत आए थे
कमलेश ने घर पर ही इनके रुकने का इंतजाम किया। पाकिस्तानियों के गांव पहुंचने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण इकट्ठा हो गए। इससे गांव में हलचल मच गई। पाकिस्तान के कराची स्थित खैरपुर निवासी राकेश कुमार और संतोष कुमार ने बताया कि बेरोजगारी और महंगाई के चलते लगभग दो माह पूर्व पाकिस्तान से भारत आए थे।
पाकिस्तानियों और उनको लाने वाले कमलेश से पूछताछ
कुछ दिनों तक दिल्ली स्थित भाटी माइंस में रिश्तेदारों के यहां रुके थे। वीजा की निर्धारित अवधि समाप्त हो गई है।इसके नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है। उधर, एसपी वृंदा शुक्ला के निर्देश पर पुलिस बल और एलआईयू के उपाधीक्षक अनुज मिश्र गांव पहुंचे। पाकिस्तानियों और उनको लाने वाले कमलेश से पूछताछ की।
पुलिस खंगाल रही है सबका रिकॉर्ड
पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है। पाकिस्तानियों से किसी को मिलने नहीं दिया जाएगा। अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि पाकिस्तानियों के कागजात की जांच की जा रही है। सभी के बयान लिए जा रहे हैं। मामला पाकिस्तान से जुड़ा होने के कारण गहनता से जांच की जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से अभी कुछ कह पाना मुश्किल है। इनको लाने वाले का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
वीजा बढ़ाने की एप्लीकेशन दी है
पाकिस्तानी हिंदू परिवार के सदस्यों ने बताचीत में बताया कि पाकिस्तान से आए हिंदू परिवार ने दिल्ली एम्बेसी में वीजा बढ़ाने की एप्लीकेशन दी है। उन्होंने बताया कि बाघा बॉर्डर पार कर हम अमृतसर पहुंचे और वहां से नई दिल्ली आए। वहां से चित्रकूट पहुंचे हैं।
सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द नागरिकता दी जाए
पाकिस्तान के हालात बेहद खराब हैं। वहां महंगाई चरम पर है और आम जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल है। साथ ही, हिंदूओं पर अत्याचार रुक नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि हमें जल्द से जल्द नागरिकता दी जाए। साथ ही, हमें बसने की इजाजत दी जाए।