घर पहुंचने के कुछ देर बाद दोनों भाई बेहोश हो गए। बच्चों को बेसुध पड़े देखकर पत्नी ने शोर मचाया। परिजन मासूमों को लेकर सीएचसी पहुंचे। डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। उधर, जैसे ही घटना की जानकारी अन्य परिजनों को हुई तो घर में कोहराम मच गया। बच्चों की मौत की खबर सुनते ही मधु बेसुध हो गई। बाद में परिजनों ने उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया। रामबाबू का विवाह होने के चार साल बाद दो जुड़वा बेटे हुए थे। डॉ. विनोद कुमार का कहना है कि मौत के अन्य कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। परिजन पोस्टमार्टम करवाते तो स्थिति और स्पष्ट हो जाती।