एसपी राजेश द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर जांच करने के साथ ही पुलिस की कार्यशैली की जांच एएसपी पूर्वी अनिल सिंह को सौंप दी। इसके साथ ही निष्पक्ष जांच न करने पर पूर्व विवेचक रविंद्र सिंह, सिपाही सभाजीत सिंह, शुभम यादव को लाइन हाजिर कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले में अगर पुलिस दोषी नहीं है, तो लाइन हाजिर की कार्रवाई क्यों की गई।
फिलहाल परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने बताया कि युवती की चाची पर आरोपी द्वारा हमला किए जाने के मामले में चार्टशीट लगाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। परिजनों के समझ में था कि पुलिस ने उस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
युवती के मोबाइल से सबूत तलाश रही पुलिस
युवती के कमरे में सुसाइड नोट लिखी डायरी के साथ पुलिस को मोबाइल मिला था। वहीं सुसाइड नोट में युवती ने अपने मोबाइल का कोड नंबर लिखा था। मोबाइल में सब मिलने का जिक्र किया था। पुलिस युवती के मोबाइल के जरिये सबूत तलाश रही है। इसके साथ ही सुसाइड नोट जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
आरोपी को पुलिस ने भेजा जेल
युवती के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने आरोपी अरविंद को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में उसने सुसाइड नोट में युवती द्वारा लगाए गए आरोप कबूल किए हैं। बुधवार को पुलिस ने आरोपी का डॉक्टरी परीक्षण कराकर उसे जेल भेज दिया।
ये था पूरा मामला
हरदोई जिले में अतरौली थाना क्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म कर वीडियो वायरल करने की युवक की रोज-रोज की धमकी से आहत युवती ने फंदे से लटक कर जान दे दी थी। कमरे में मिली डायरी में लिखे सुसाइड नोट में पुलिस को गंदा बताकर, कुछ काम नहीं करने की बात कही थी। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज था।
बता दें कि थाना क्षेत्र के गांव निवासी युवती (19) का शव मंगलवार की सुबह कमरे में पंखे में रस्सी के फंदे से लटका मिला। घटना की रात भाई-पिता की दवा लेने लखनऊ गया था। वह बहन और भाभी के साथ घर में थी। सुबह छत से उतरकर नीचे पहुंची भाभी ने उसका शव कमरे में लटका देखा। भाभी ने घटना की सूचना भाई को दी। कुछ घंटे में घर पहुंचे भाई और पिता ने घटना की सूचना पुलिस को दी।