अभियोजन की ओर से पेश किए गए हैं छह गवाह
किसी तरह उसको होश में लाने पर उसने आपबीती बताई। उसने बताया कि गांव का ही उमेश निषाद ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले का आरोप पूर्व न्यायाधीश अनिल सक्सेना की अदालत में 19 जनवरी 2023 को आरोप बनाया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाह हैं पेश किए गए।
35 प्रश्न के फैसले में दोषी करार दिया
पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपने 35 प्रश्न के फैसले में उमेश निषाद को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। इसमें 25 वर्ष का कठोर कारावास और 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। दोषी का सजाफ्ती वारंट बनाकर पुन: जेल भेज दिया गया।