इत्र कारोबार और पान मसाला कारोबार का गठजोड़
कन्नौज में बनने वाले इत्र की सप्लाई भले ही देश-दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में होती हो, पर यह भी सच है कि यहां के खुशबू के कारोबार का पूरा दारोमदार पान मसाला और तंबाकू उद्योग पर ही टिका हुआ है। इत्र कारोबार से जुड़े लोग बताते हैं कि यहां के कुल इत्र उत्पादन का 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा पान मसाला कारोबार में खपता है। पूरे साल में पान मसाला में 600 से 700 करोड़ रुपये से ज्यादा का इत्र खप जाता है। देश-दुनिया में छोटी-बड़ी जो भी कंपनी पान मसाला के कारोबार में है, वह उसमें इस्तेमाल होने वाला खुशबू कन्नौज में ही तैयार करवाती हैं। खुशबू के कारोबार से जुड़े लोग भी बताते हैं कि पान मसाला उद्योग और कन्नौज का इत्र उद्योग एक-दूसरे के पूरक बने हुए हैं।
इनसे महक रहा पान मसाला उद्योग
इत्र कारोबार से जुड़े लोग बताते हैं कि पान मसाला में सबसे ज्यादा खपत गुलाब के खुशबू की होती है। उसके अलावा चंदन, केवड़ा, मेहंदी, शमामा, गेंदा से तैयार इत्र का भी इस्तेमाल होता है। मिट्टी से तैयार इत्र भी पान मसाला में इस्तेमाल किया जाता है। तंबाकू में खासतौर से गेंदा और मेहंदी का इस्तेमाल होता है।