बता दें कि हाल ही में बिठूर थाना क्षेत्र के चकरतनपुर नई बस्ती में भी निर्माणाधीन मकान में सीवर टैंक की शटरिंग खोलने उतरे तीन मजदूरों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई थी। वैसे तो औपचारिक तौर पर प्रतिबंधित होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में सफाईकर्मियों की जान से खिलवाड़ कर सेप्टिक टैंक की सफाई कराई जा रही है।