वायरल संक्रमण के बाद निमोनिया से पांच रोगियों की मौत हो गई। तीन रोगियों की मौत हार्ट अटैक और दो की ब्रेन अटैक से मौत हुई है। हैलट इमरजेंसी में रात तक 40 रोगियों को भर्ती किया गया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि वायरस संक्रमण के बाद रोगियों को न्यूमोनाइटिस हो रहा है। हैलट इमरजेंसी में ब्रेन अटैक के आठ रोगी भर्ती किए गए। इसके साथ ही कार्डियोलॉजी में गंभीर हालत में आए हार्ट अटैक के 61 रोगी भर्ती किए गए। अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने से रोगियों की तबीयत बिगड़ गई।
कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट की इमरजेंसी में हार्ट अटैक के 120 रोगी आए। इसके साथ ही 911 हृदय रोगियों का ओपीडी में स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। गंभीर हालत में 61 हृदय रोगियों को भर्ती किया गया। इसके अलावा 41 रोगियों की धमनियों में ब्लॉकेज के कारण बाईपास, एंजियोप्लास्टी आदि की गई। इलाज के दौरान एक हृदय रोगी की मौत हो गई। इसके साथ ही दो हृदय रोगी मृतावस्था में इमरजेंसी में लाए गए।
इसके साथ रोगियों को ब्रेन अटैक पड़ रहा है। दो रोगियों की मौत हो गई। इन रोगियों को जब अस्पताल लाया गया तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ब्रेन अटैक के आठ रोगियों को गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। निमोनिया से पांच रोगियों की मौत हो गई। इनमें चकेरी के बिंदेश्वरी (55), चौबेपुर के राघवेंद्र (59), कल्याणपुर के किशोर (35), जाजमऊ के राशिद (55) और आजादनगर के संदीप (49) हैं। इनको वायरल संक्रमण के बाद सेप्टीसीमिया हो गया था।
सेप्टीसीमिया रोगियों को अलग-अलग अस्पतालों में लाया गया जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉ. कुशवाहा ने बताया कि उनकी मेडिसिन ओपीडी में तीन सौ रोगी आए थे। इनमें वायरल संक्रमण से निमोनिया के रोगी अधिक रहे हैं। हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि ओपीडी में 2845 रोगी आए। शाम तक 80 रोगियों को भर्ती किया गया था।