सीमा और खुशी की एक ही गोली से मौत
सीमा के सीने के पास व खुशी के जांघ के पास गोली लगी थी। इसके अलावा नंदू की मौत फांसी का फंदा लगने से ही हुई है। अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि तीनों की मौत का समय लगभग एक समान ही है। दोनों को गोली मारने के बाद नंदू ने कुछ ही देर में जंगल में जाकर फांसी लगाकर जान दी है।
एक घंटे के अंदर हुई तीनों मौतें
लगभग एक घंटे के अंतराल में तीनों की मौत हुई है। अब सवाल यह है कि सोमवार की दोपहर को सीमा व खुशी को गोली मारने के बाद नंदू गांव से ही रस्सी लेकर भागा तो पुलिस टीम व ग्रामीण परिजन उसकी तलाश तीन टुकडियों में कर रहे थे। शाम छह बजे तक पूरा दिन भी रहता है।
नहीं हो सकी, किसी को जानकारी
पुलिस टीमें व ग्रामीण घर के चारों तरफ जंगल कुआं, शहर व रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश कर रहे थे और कुछ ही दूरी में वह एक पेड में फंदा बनाकर लटक गया, लेकिन किसी को जानकारी नहीं हो सकी। मंगलवार की सुबह कुछ ग्रामीणों ने उसे पेड़ पर लटके देखा था।
पुलिस ने प्रेमी को किया गिरफ्तार, नहीं की पुष्टि
इसी प्रकार दावा किया गया है कि मृत युवती के प्रेमी पंकज यादव को नामजद करने के बाद पुलिस टीमों ने उसे मंगलवार की शाम को ही उसे पकड़ लिया था, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को इसकी पुष्ट जानकारी बुधवार की शाम तक नहीं दी गई। इससे भ्रम की स्थिति बनी रही।