फर्रुखाबाद। चाचा-भतीजे के अपहरण में अपर सत्र न्यायाधीश विष्णु चंद्र वैश्य ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। तीनों दोषियों को 29 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव भटमई निवासी बृज बिहारी का पुत्र संतोष कुमार व चचेरा भाई शिवदत्त 2 जुलाई 1996 को ट्रैक्टर से बाजार की ओर जा रहे थे। रास्ते में सात-आठ बदमाशों ने ट्रैक्टर रोक कर फायर किया। बदमाशों ने संतोष व शिवदत्त का अपहरण कर लिया। पुलिस ने बृजबिहारी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस ने नौ जुलाई को बदमाशों के चंगुल से संतोष व शिवदत्त को छुड़वा लिया था। विवेचक ने जनपद एटा राजा का रामपुर निवासी कल्लू उर्फ राजवीर, जनपद कासगंज कोतवाली पटियाली के संतोष, रामपाल, गांव बलदेव नगला निवासी कल्लू उर्फ राजकिशोर, गांव लालगढ़ी निवासी करन सिंह, गांव नगला भूड़ निवासी शैतान उर्फ कृपाल जाटव, रामजी लाल के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने कल्लू उर्फ राजकिशोर, करन सिंह, रामपाल, रामजी लाल की फाइल अलग कर दी।
मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने चाचा भतीजे के अपहरण में गवाह व साक्ष्य के आधार पर कल्लू उर्फ राजवीर, संतोष, शैतान उर्फ कृपाल जाटव को दोषी करार दिया है। तीनों दोषियों को सजा सुनाने के लिए 29 सितंबर की तिथि नियत की है।