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Kanpur News: हादसे में जान गंवाने वाला युवक प्रतापगढ़ का था

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फोटो संख्या 25
फोटो संख्या 26

-पिता चाहते थे पढ़ाना, बन गया खलासी, दो माह से नाराज पिता नहीं कर रहे थे बात
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं की कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ती हुई दूसरी लेन पर आ रही बस से जा टकराई थी। हादसे में कार व बस में सवार छह लोगों की मौत हो गई। 42 लोग घायल हुए। एक मृतक युवक की पहचान देर रात तक नहीं हो पाई थी। दूसरे दिन युवक की पहचान उसके पिता ने प्रतापगढ़ जिले से आकर खलासी के रूप में की।
ऊसराहार थाना क्षेत्र के खरगपुर सरैया में शनिवार रात 12 बजे हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। जिनमें एक युवक की शिनाख्त न होने पर शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया गया। प्रतापगढ़ जिले के थाना पट्टी के मरियमपुर निवासी सुरेंद्र कुमार चौरसिया ने बताया कि उन्हें गाजीपुर पार्किंग से रविवार दोपहर 12 बजे फोन आया।
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बताया गया कि जिस बस में उनका बेटा अंकित चौरसिया (21) चलता है। वह इटावा में हादसे का शिकार हो गई। जिसके बाद उन्होंने अपने बेटे को फोन किया तो नंबर बंद था। वह देर रात अपने भाई प्रदीप के साथ इटावा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां गेट बंद होने पर सुबह होने के इंतजार में जिला अस्पताल परिसर में रात गुजारी।
सोमवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर उन्होंने अपने बेटे के शव की पहचान की। उन्होंने बताया कि वह मंडी में पान की दुकान लगाते हैं। रात के समय गाजीपुर पार्किंग में पान बेचते हैं। वहीं बसें खड़ी होती हैं। उनके दो बेटों में अंकित छोटा था। बड़ा बेटा मृत्युंजय उनके साथ पान का काम करता है। इसी साल अंकित ने इंटर की परीक्षा पास की थी।
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वह उसे आगे पढ़ाना चाह रहे थे। लेकिन दो माह पहले अंकित ने उनकी बात न मानकर बस पर खलासी का काम करने लगा। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने अपने बेटे से बात करना बंद कर दी थी। उसे एक चक्कर के एक हजार रुपये मिलते थे। बेटे की मौत के बाद मां मीना देवी समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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