तभी भीड़ में शामिल कुछ अराजकतत्वों ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव करने के बाद पुलिस की चीता बाइक में तोड़फोड़ की और जीप को आग के हवाले कर दिया था। तब परिजन बेटे का शव बाइक पर लेकर घर आए थे। उसके बाद से गांव में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा है। अधिकारी परिजनों को कार्रवाई का अश्वासन दे रहे है। वहीं, घटना के तीन दिन बीतने के बाद भी निखित के घर का चूल्हा नहीं जला है।
गांव के लोग भी दहशत में है। निखित के पिता व मां रेखा की मांग है कि जब तक आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी नहीं होती है, तब तक खाना तो दूर की बात है, पानी भी गले से नीचे नहीं उतरेगा। पुलिस की सख्ती से लोग घर से बाहर निकलने में कतरा रहे है। ग्रामीणों में चर्चा है कि अगर वह बिना वजह घर से बाहर निकले, तो कहीं पुलिस उनको भी न पकड़कर कार्रवाई कर दें।
थाने से भगाने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग
छात्र के पिता राजू का कहना है कि जब वह अछल्दा थाने में मामले की तहरीर देने गए थे, तो थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तहरीर लेने से मना कर दिया था। साथ ही गाली देकर अछल्दा थाने से भगा दिया था। परिजनों की मांग है कि जो भी दरोगा व पुलिस कर्मियों ने ऐसा किया उन पर आला अधिकारी कार्रवाई करें।
जिले की चारों सीमा पर पुलिस बल तैनात
डीएम पीसी श्रीवास्तव ने बताया कि सुरक्षा के तरह जिले की चारों सीमा इटावा, कन्नौज, कानपुर देहात व जालौन सीमा में पुलिस कर्मी तैनात किए गए है। सभी वाहनों की चेकिंग के बाद ही उनको जिले में प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही है। साथ ही रेलवे स्टेशनों में भी पुलिस कर्मी तैनात है। पुलिस आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।