ओपीडी में डेढ़ सौ रोगी कंजक्टिवाइटिस के
इसे हेमरेजिक कंजक्टिवाइटिस कहते हैं। डॉ. खान ने बताया कि उनकी 250 रोगियों की ओपीडी में डेढ़ सौ रोगी कंजंक्टिवाइटिस के रहे हैं। बच्चे और बड़े सभी रोग की चपेट में आ रहे हैं। रोगियों में स्कूली बच्चों की संख्या अधिक है। इसके अलावा समूचे परिवार कंजक्टिवाइटिस की चपेट में हैं।
उमस में डायरिया बढ़ा, बीपी गुर्दे पर असर
वहीं, उमस भरी गर्मी में डायरिया, गैस्ट्रोइंटाइटिस के रोगी फिर बढ़ गए हैं। डॉक्टरों ने बताया कि डायरिया के बाद रोगियों के शरीर में पानी और नमक की कमी होने की वजह से ब्लड प्रेशर गिर जा रहा है। इसके साथ रोगियों के गुर्दों पर असर आ रहा है। एक्यूट किडनी इंजरी (एकेआई) के छह रोगी हैलट इमरजेंसी में भर्ती किए गए।
गर्मी में बढ़ रही हैं जलजनित बीमारियां
इसके साथ ही रोगी बेहोशी की हालत में आए। सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा का कहना है कि शरीर में पानी और नमक की कमी से गुर्दों में असर आता है। इसके साथ ब्लड प्रेशर भी गिर जा रहा है। बालरोग अस्पताल में डायरिया, पीलिया और टायफायड के रोगी भर्ती किए गए। बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार आर्या ने बताया कि गर्मी में जलजनित बीमारियां बढ़ रही हैं।