फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Conjunctivitis Problem: कंजक्टिवाइटिस का फैलाव तेज! वायरस के साथ आंखों में बैक्टीरियल संक्रमण, पढ़ें एडवाइजरी

Tue, 25 Jul 2023 08:42 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Health News: डॉ. खान ने बताया कि उनकी 250 रोगियों की ओपीडी में डेढ़ सौ रोगी कंजक्टिवाइटिस के रहे हैं। बच्चे और बड़े सभी रोग की चपेट में आ रहे हैं। रोगियों में स्कूली बच्चों की संख्या अधिक है।
विज्ञापन
कंजक्टिवाइटिस का बढ़ा खतरा - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में आंखों में वायरल संक्रमण के कारण कंजक्टिवाइटिस होने के बाद बैक्टीरियल संक्रमण हो रहा है। इससे रोगियों की तकलीफ और अधिक बढ़ रही है। हैलट के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में आ रहे ज्यादातर रोगियों में हेमेरेजिक कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण मिल रहे हैं।

विज्ञापन

जटिलताएं बढ़ने से रोगियों की आंखों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। रोगियों के आंखों के द्रव्य को कल्चर जांच के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजा गया है। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. परवेज खान ने बताया कि कल्चर की रिपोर्ट 72 घंटे में आएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार कंजक्टिवाइटिस अधिक तेजी से फैल रहा है। कंजक्टिवाइटिस का मुख्य कारण एडीनो वायरस का संक्रमण माना जा रहा है। लेकिन बहुत से रोगियों में एडीनो वायरस के साथ बैक्टीरिया का भी संक्रमण है। इससे आंखों की पुतली की रगों से खून का रिसाव हो जा रहा है।

विज्ञापन

ओपीडी में डेढ़ सौ रोगी कंजक्टिवाइटिस के
इसे हेमरेजिक कंजक्टिवाइटिस कहते हैं। डॉ. खान ने बताया कि उनकी 250 रोगियों की ओपीडी में डेढ़ सौ रोगी कंजंक्टिवाइटिस के रहे हैं। बच्चे और बड़े सभी रोग की चपेट में आ रहे हैं। रोगियों में स्कूली बच्चों की संख्या अधिक है। इसके अलावा समूचे परिवार कंजक्टिवाइटिस की चपेट में हैं।

एडवाइजरी
  • आंखों को साफ पानी से धोएं।
  • संक्रमित व्यक्ति की छुई चीजों को न छुएं।
  • आंखों में खुजली हो तो हाथों से न मलें।
  • साफ कपड़े से आंखों को आहिस्ता से खुजला सकते हैं।
  • संक्रमण होने पर जल्दी से विशेषज्ञ को दिखा लें।
  • संक्रमित बच्चे को स्कूल न भेजें।

उमस में डायरिया बढ़ा, बीपी गुर्दे पर असर
वहीं, उमस भरी गर्मी में डायरिया, गैस्ट्रोइंटाइटिस के रोगी फिर बढ़ गए हैं। डॉक्टरों ने बताया कि डायरिया के बाद रोगियों के शरीर में पानी और नमक की कमी होने की वजह से ब्लड प्रेशर गिर जा रहा है। इसके साथ रोगियों के गुर्दों पर असर आ रहा है। एक्यूट किडनी इंजरी (एकेआई) के छह रोगी हैलट इमरजेंसी में भर्ती किए गए।
विज्ञापन

गर्मी में बढ़ रही हैं जलजनित बीमारियां
इसके साथ ही रोगी बेहोशी की हालत में आए। सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा का कहना है कि शरीर में पानी और नमक की कमी से गुर्दों में असर आता है। इसके साथ ब्लड प्रेशर भी गिर जा रहा है। बालरोग अस्पताल में डायरिया, पीलिया और टायफायड के रोगी भर्ती किए गए। बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार आर्या ने बताया कि गर्मी में जलजनित बीमारियां बढ़ रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें