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कन्नौज में सड़ा-गला शव: अकेलेपन से अवसाद! एक कमरे में सिमट गई थी विजय की दुनिया, दुर्गंध फैली तब...

Fri, 07 Apr 2023 09:59 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
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kannauj suicide case - फोटो : अमर उजाला
तीन मंजिला मकान में परिवार के साथ रह रहा विजय इतना अकेला था कि कमरे तक ही उसकी दुनिया सिमटकर रह गई थी। घर में रहने वाले अन्य सदस्यों को उससे कोई मतलब नहीं था। यही वजह रही कि पांच दिन तक उसकी मौत की भनक किसी को नहीं लगी।

शव सड़ जाने के बाद दुर्गंध फैली,तो अनहोनी की आशंका हुई। पुलिस बुलाकर दरवाजा खुलवाया, तो विजय दुनिया छोड़ चुका था। ताज्जुब की बात यह भी है कि मोबाइल के दौर में किसी रिश्तेदार ने भी उसे फोन नहीं किया। शहर के गैस गोदाम क्रॉसिंग स्थित गैस एजेंसी संचालक रहे रामप्रकाश व्यास शहर के नामचीन लोगों में शुमार थे।

शहर में काफी रसूख था। परिवार भी संपन्न है। रामप्रकाश के निधन के बाद से परिवार सदमे में आ गया। उनकी चार बेटियां व दो बेटे हैं। एक बेटी की शादी उन्होंने अपने हाथों से की, जबकि दूसरी बेटी की शादी उनकी मौत के बाद हुई। दो बेटों और दो बेटियों की शादी अभी नहीं हुई।
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kannauj suicide case - फोटो : अमर उजाला
विजय, शिवम, अलीशा व पूजा अब इसी घर में रहते हैं। तीन मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर की दुकानें किराए पर उठी हुई हैं। पहली मंजिल पर बहनें रहती हैं। विजय दूसरी मंजिल पर रहता था। ऊपरी मंजिल पर घर का सामान है। एक कमरे में कसरत करने के उपकरण रखे हैं।
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kannauj suicide case - फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि पिता की गैस एजेंसी का संचालन दोनों बेटियां ही करती हैं। विजय का कारोबार से कोई वास्ता नहीं था। छोटा भाई शिवम एक हादसे में चोट लगने से दिव्यांग हो गया है। कारोबार में दखल न होने से वह घर में दूसरे भाई-बहन से अलग ही रहता था।

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kannauj suicide case - फोटो : अमर उजाला
उसका कमरा ही उसकी दुनिया थी। वह पूरे-पूरे दिन उसी कमरे में रहता था। कई बार तो कई-कई दिन तक कमरे से बाहर नहीं निकलता था। ऐसे में इस बार भी जब वह कई दिन तक बाहर नहीं निकला, तो किसी का ध्यान नहीं गया। यहां तक की उसके पास किसी को फोन भी नहीं आया।
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kannauj suicide case - फोटो : अमर उजाला
पेट के बल पड़ा मिला शव
मकान के जिस कमरे को विजय ने दुनिया बना रखा था, उसी में उसका शव पड़ा मिला। वह बिस्तर पर पेट के बल लेटा हुआ था। शरीर पर कंबल पड़ा था। पास ही रखे स्टूल पर मोबाइल थे। बेड के नीचे पैर की साइड में फर्श पर खून पड़ा था। नीचे टीवी का रिमोट कंट्रोल भी गिरा था।
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kannauj suicide case - फोटो : अमर उजाला
कुछ लोग कलाई की नस काटने को मौत की वजह बता रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि उसने कोई दवा खा ली होगी। हाथ की नस कटी होती, तो खून बेड के पास सिर वाले हिस्से के आसपास होता। कंबल पड़ा होने से मालूम हो रहा था कि वह सो रहा है। कंबल हटाते ही उसका गला हुआ शव मिला, जिसमें कीड़े रेंग रहे थे।
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kannauj suicide case - फोटो : अमर उजाला
सड़क पर टहलने की थी आदत
आसपास के लोग बताते हैं कि पिता के निधन के बाद से ही विजय अकेला रहने लगा था। वह अक्सर अपने कमरे में ही रहता था। किसी से उसका कोई सरोकार नहीं था। कभी कभार बाहर निकलता ,तो शाम को सड़क किनारे टहलता था। इस दौरान भी किसी से बात नहीं करता था।

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kannauj suicide case - फोटो : अमर उजाला
पांच साल पहले पिता की हुई थी संदिग्ध मौत
यह भी संयोग है कि विजय के पिता और गैस एजेंसी संचालक रामप्रकाश व्यास की भी मौत संदिग्ध हालात में हुई थी। साढ़े पांच साल पहले 2017 के अक्टूबर महीने में उनका शव उनकी गैस एजेंसी के कमरे में खून से लथपथ मिला था। चर्चा थी कि उन्होंने अपने रिवाल्वर से खुदकुशी कर ली।
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kannauj suicide case - फोटो : अमर उजाला
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
युवक का शव उसके कमरे में पड़ा होने की जानकारी पर सीओ सिटी डॉ. प्रियंका वाजपेयी पहुंची। सदर कोतवाल राजकुमार सिंह भी दलबल के साथ पहुंच चुके थे। दोनों ने शुरुआती तफ्तीश की। घर में मौजूद बहनों से जानकारी की। बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। उसके बाद फोरेंसिक टीम पहुंची और जरूरी साक्ष्य इकट्ठा किए।
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