कानपुर। नगर निगम के निष्कासित भाजपा पार्षदों और महापाैर पुत्र को लेकर हुए विवाद का बुधवार को पटाक्षेप हो सकता है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के सामने इस मामले को लेकर जो भी फैसले हुए थे, उसके अनुसार पार्षदों का निलंबन वापस होगा। साथ ही 15वें वित्त के बजट से इन पार्षदों के वार्ड में भी समान रूप से काम कराए जाने की संस्तुति भी निगम से की जा सकती है। मामले में प्रभारी मंत्री की दो बार हुई बैठक के बाद महापाैर प्रमिला पांडेय के शहर से बाहर रहने की वजह से अभी तक फैसले पर अमल नहीं हो पा रहा था। मंगलवार को महापाैर शहर आईं तो भाजपा के पदाधिकारियों की बैठक लखनऊ में होने की वजह से पार्टी क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल व जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित भी लखनऊ चले गए। इस बीच भाजपा जिलाध्यक्ष की लखनऊ में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से भी मुलाकात हुई। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर भी उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा की है। इसके बाद तय हुआ है कि पार्षदों का निष्कासन वापस हो जाएगा। निगम को सही तरीके से चलाने के लिए आगे भी इस तरह से कोई मामला न हो, इस पर भी लगाम लगेगी। ब्यूरो