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Terrorist attack: घर आने से पहले मिली मौत, आतंकी हमले में श्रमिकों की हत्या के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

Tue, 18 Oct 2022 04:40 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज

सार

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकियों ने ग्रेनेड फेंककर और अंधाधुंध गोलियां बरसाकर दो श्रमिकों को मौत के घाट उतार दिया। दोनों श्रमिक कन्नौज जिले के रहने वाले हैं। मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
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आतंकी हमले में श्रमिकों की हत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू कश्मीर में आतंकियों के ग्रेनड फेंकने और अंधाधुंध गोलियां बरसाने से कन्नौज जिले के दो श्रमिकों की हत्या की खबर मिलते ही गांव में चीख-पुकारों से सुबह का सन्नाटा टूटा। पड़ोसी मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने में जुटे थे। वहीं जम्मू कश्मीर में फंसे लोगों के परिजन फोन एक घटना की जानकारी और हाल-चाल लेने में जुट गए।

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ठठिया थाना क्षेत्र के दन्नापुरवा निवासी रामसागर (50), मुनेश (38), मुनेश का भाई रामबाबू, भोला, मोनू, पिंटू और विनय जम्मू कश्मीर के शोपियां में सेब के बागान में सेबों की पैकेजिंग और लोडिंग करते थे। ठेकेदार से हिसाब-किताब कर सभी को मंगलवार सुबह करीब चार बजे घर के लिए निकलना था।

इससे रात करीब 11 बजे कपड़े और सामान पैक कर कर रहे थे। इस दौरान आतंकियों ने ग्रेनेड फेंका और गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इससे रामसागर और मुनेश की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि ग्रेनेड की चपेट में आकर मुनेश का भाई रामबाबू, भोला और मोनू घायल हो गए।

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सुबह करीब नौ बजे गांव में आतंकी हमले की सूचना आई। इससे कोहराम मच गया। रागसागर की पत्नी मालती देवी और मुनेश की पत्नी पुष्पा देवी बेसुध हो गई। वहीं कश्मीर में फंसे घायल और अन्य लोगों की जानकारी के लिए परिजन फोन करने में जुट गए। हत्याकांड की सूचना से पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। गांव की गलियों से सिर्फ सिसकियां और चीखों की आवाज गूंज रही थी। एसडीएम उमाकांत तिवारी और सीओ शिव प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंच परिजनों को सांत्वना दी।

30 श्रमिकों में करवाचौथ पर लौट आए थे 23
दन्नापुरवा गांव से 28 अगस्त को 30 ग्रामीण शोपियां गए थे। 23 ग्रामीण करवाचौथ पर घर लौट आए थे। ठेकेदार से हिसाब-किताब न होने के कारण रामसागर, मुनेश, मुनेश का भाई रामबाबू, भोला, मोनू, पिंटू और विनय वहीं रुक गए थे। यह लोग 18 अक्तूबर को निकलने वाले थे।
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