जाजमऊ में 13 अगस्त को विवादित टेनरी पर कब्जा करने के प्रयास में बवाल हुआ था। मामले का आरोपी रॉकी यादव अभी भी फरार है। वहीं, मामले में बड़ा तथ्य भी सामने आया है कि तत्कालीन थानेदार के सामने पंचायत के बाद बवाल हुआ था।
कानपुर में टेनरी पर कब्जे को लेकर हुए बवाल के मामले में बड़ा तथ्य सामने आया है। जिस दिन बवाल हुआ था, उस दिन तत्कालीन जाजमऊ एसओ के सामने पंचायत हुई थी। इसके बाद मारपीट और पथराव हुआ। सूत्रों के मुताबिक एसओ के खिलाफ चल रही विभागीय जांच में भी इसका खुलासा हुआ है।
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उधर केस में आरोपी बनाया गया पुलिसकर्मी का बेटा रॉकी यादव अभी भी गिरफ्त से दूर है।जाजमऊ में 13 जुलाई को शालीमार टेनरी पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था। मामले में पूर्व भाजपा नेता नारायण सिंह भदौरिया समेत आधा दर्जन आरोपी जेल जा चुके हैं। तत्कालीन थानेदार पवन कुमार की भूमिका की जांच चल रही है।
इसके बाद भी उसे पुलिस कमिश्नर का पीआरओ बना दिया गया। जानकारी के मुताबिक वारदात वाले दिन कारोबारी शहाब, शहनाज व नारायण सिंह भदौरिया एसओ के साथ बैठे थे। इसके कुछ देर बाद बवाल हुआ था। एसीपी अनवरगंज मामले की जांच कर रहे हैं। ढाई महीने बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है। सूत्रों के मुताबिक जांच दबवाने के प्रयास में दरोगा लगा हुआ है।
रॉकी को बचाने में जुटे कई पुलिसकर्मी
रॉकी यादव पुलिसकर्मी का बेटा है। एक अधिकारी समेत कई पुलिसकर्मी उसको बचाने में जुटे हैं। दो पुलिसकर्मियों से नारायण सिंह भदौरिया ने सेटिंग कराई है। इस वजह से उस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। रॉकी पर भी कई केस दर्ज हैं। वह भी हिस्ट्रीशीटर को फरार कराने में शामिल रहा है।