इस साल यहां 106 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें शून्य से छह माह के 11, छह माह से तीन साल तक के 55 और तीन वर्ष से पांच साल तक के 40 बच्चे शामिल हैं। 17 महिलाएं गर्भवती हैं। लगातार पौष्टिक आहार, नियमित टीकाकरण और समय-समय पर वजन व जांच से पांच बच्चे सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं। केंद्र पर महिलाओं को बुलाकर पोषण व आयोडीनयुक्त भोजन के बारे में बताती हैं। बच्चों को साफ-सफाई रखने के साथ खुद भी भोजन बनाने या खाने से पहले हाथ धोने के तरीके सिखा रही हैं।
वजन दिवस पर बच्चों को लाते हैं अभिभावक
सुमन ने बताया कि उन्होंने शुरूआत में जब गांव का सर्वे किया, तो पाया कि लोग सरकार द्वारा चलाई जा रही आंगनबाड़ी योजना के बारे में कुछ खास नहीं जानते। उन्हें सिर्फ इतना पता है कि यह पंजीरी बांटने की योजना है। सुमन ने लोगों को आईसीडीएस विभाग के बारे में बताया। इसमें चल रहे कार्यक्रम और गतिविधियों की जानकारी दी। उनका कहना है कि अब वजन दिवस पर लोग खुद बच्चे को लेकर आने लगे हैं। बच्चों के वजन और श्रेणी में बदलाव के बारे में जानने के लिए उत्सुकता दिखाते हैं।
यह भी हैं उपलब्धियां
जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद अवस्थी बताते हैं कि सुमन को वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश समाज रत्न सम्मान प्राप्त हुआ। वर्ष 2016 से वर्ष 2019 तक स्वच्छ भारत मिशन में भी वालंटियर के रूप में काम कर पहली पंचायत जलालपुर-फफूंद ओडीएफ करवाई।
इसके लिए पूरे उत्तर प्रदेश में 12 महिला चैंपियन में औरैया जनपद से इन्हें चुनकर सम्मानित भी किया गया। कोविड काल में स्वयं मास्क सिलकर आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर बच्चों को मास्क निशुल्क वितरण किए। कोरोना काल में अनाथ हुए 10 बच्चों को बाल सेवा योजना के तहत लाभान्वित भी कराया।