पूर्व सीएम अखिलेश यादव और सांसद सुब्रत पाठक के बीच जुबानी जंग अब आक्रामक होती जा रही है। पूर्व सीएम सांसद पर पान खाने का आरोप लगा रहे हैं। इसी क्रम में सांसद ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के चुनावों के नामांकनों में आस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी की परास्नातक की डिग्री का हलफनामा दिया था पर अब वह सिर्फ स्नातक ही हैं।
ऐसे में उनकी आस्ट्रेलिया वाली डिग्री कहां खो गई है। चुनाव आयोग को खुद इसका संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग को गुमराह किया है। सांसद सुब्रत पाठक ने मंगलवार को जीटी रोड स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वर्ष 2000 और 2004 के लोकसभा चुनाव के नामांकन में अखिलेश यादव ने दिए हलफनामा में खुद को आस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से परास्नातक होने का दावा किया था।
वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में जब उन्होंने अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा था। तब नामांकन में अखिलेश यादव ने मैसूर से स्नातक करने की बात कही थी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर उनकी आस्ट्रेलिया वाली डिग्री कहां खो गई हैं। सांसद ने कहा कि अखिलेश ने केंद्र सरकार से मिलने वाले बजट से कमीशन के लालच में काऊ मिल्क प्लांट का निर्माण कराया था। इत्र पार्क, विधि विज्ञान प्रयोगशाला के सिर्फ नाम के लिए काम शुरू किया था जबकि निर्माण भाजपा सरकार करा रही हैं। अखिलेश के संरक्षण में सपा नेता दिगंबर सिंह यादव और रजनीकांत यादव ने अवैध ढंग से जमीनों पर कब्जा किया। जिसे ध्वस्त कराया गया।