बेटे गौतम की हिकारत की वजह से पाई-पाई को मोहताज हुए देश के जाने माने उद्यमी विजयपत सिंहानिया जवानी केे दिनों में अपने महंगे शौक के लिए जाने जाते थे। शौक भी ऐसा कि हर कोई सोच भी न सके। ‘पद्मभूषण’ पा चुके विजयपत बाबू को हवाओं में सैर करने का जुनून था। लंबी हवाई यात्राएं उनका शगल थीं। हवाई जहाज की रफ्तार कोई और तय करे, यह उन्हें मंजूर न था। वह अपना जहाज खुद उड़ाते थे।