कानपुर। हैलट के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में रविवार को कार्यशाला आयोजित की गई। विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने बताया कि छात्रों को पित्त की नली में फंसी पथरी को बिना सर्जरी के आधुनिक तकनीक निकालना सिखाया गया। इसमें ऐसे रोगियों को शामिल किया गया जिनके पित्त की नली में दो से ढाई सेंटीमीटर की पथरी फंसी हुई थी। उन मरीजों में कोलांजियोस्कोपी के साथ इलेक्ट्रो हाइड्रोलिक लिथोट्रिप्सी विधि का उपयोग करते हुए पथरी को तोड़ कर ईआरसीपी द्वारा निकाल दिया गया। कार्यशाला में डॉ. ध्रुव ठाकुर, डॉ. सत्यम, डॉ. आकाश शर्मा मौजूद रहे। संवाद