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खूनी संघर्ष: दो पक्षों में पथराव और फायरिंग, गोली लगने से राहगीर की मौत, सात घायल, अस्पताल में हंगामा

Tue, 11 Jul 2023 04:30 AM IST
Digvijay Singh माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर

सार

दोनाली बंदूक से फायरिंग में वहां से गुजर रहे ई-रिक्शा चालक की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के पटेलनगर में सोमवार सुबह सीवर टैंक में पाइप लाइन जोड़ने के विवाद में खूनी संघर्ष हो गया। दोनाली बंदूक से फायरिंग में वहां से गुजर रहे ई-रिक्शा चालक की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए। कांशीराम अस्पताल में परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। लोगों ने एसीपी से भी धक्कामुक्की की। वहीं, मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

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पटेलनगर निवासी प्रदीप सोनी ने बताया कि वह अपने शौचालय की पाइप लाइन सड़क के सीवर के चैंबर से जुड़वाना चाहते थे। पड़ोस में रहने वाले शिव सागर शुक्ला विरोध कर रहे थे। प्रदीप ने बताया कि सोमवार को मोहल्ले में रहने वाले मिस्त्री मुजीबुर्रहमान का बुलाकर काम शुरू कराया। निर्माण शुरू होते ही सिक्योरिटी गार्ड शिव सागर ने गाली गलौज कर पथराव शुरू कर दिया। एक पत्थर प्रदीप के सिर पर लगने से दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया।



 

शिव सागर ने लाइसेंसी बंदूक से छत पर चढ़कर फायरिंग शुरू कर दी। उधर से गुजर रहे कच्ची बस्ती निवासी ई-रिक्शा चालक संदीप विश्वकर्मा (40), काम कर रहे अदम व अपने घर के गेट पर खड़ी एचएएल इंजीनियर की मां निर्मला देवी घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को कांशीराम अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने संदीप को मृत घोषित कर दिया। साथ ही घायल प्रदीप, अदम, मुजीबुर्रहमान, निर्मला देवी, पुष्पा, अनुराग और खुशबू को हैलट रेफर कर दिया। घटना की सूचना पर डीसीपी पूर्वी शिवाजी शुक्ला ने भी जायजा लिया और मृतक के परिवार से बातचीत की। इसके बाद संदीप के पिता परमहंस विश्वकर्मा की तहरीर पर गोली चलाने वाले शिवसागर शुक्ला, पत्नी सरिता शुक्ला, बेटों अनुराग और अवनीश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया।

पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
परिजनों और परिचितों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर कांशीराम अस्पताल में जमकर हंगामा किया। पहले से मौजूद प्रदीप के घरवालों ने भी हल्ला मचाना शुरू कर दिया। सभी हमला करने वाले शिव सागर को खुद ही सबक सिखाने पर अमादा हो गए। पुलिस ने लोगों को रोकने का प्रयास किया तो परिजनों ने एसीपी चकेरी अमरनाथ यादव समेत अन्य पुलिस कर्मियों से धक्कामुक्की भी की। हंगामे की सूचना पर कई थानों की फोर्स पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया।

 

फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, बंदूक सील
पुलिस ने आरोपी के घर व घटना में इस्तेमाल दोनाली बंदूक सील कर ली। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य इकट्ठा किए। साथ ही पुलिस ने आसपास रहने वालों से बातचीत कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई।

पुलिस मुस्तैद रहती तो टल सकती थी वारदात
घटनास्थल पर मौजूद लोगों से लेकर हमले में घायल लोगों के परिजनों ने पुलिस और स्थानीय पार्षद की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सभी का कहना है कि इस मामले में विवाद काफी समय से चल रहा था। पंद्रह दिन पहले भी निर्माण का प्रयास हुआ तो दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। चकेरी पुलिस से शिकायत हुई और दो कांस्टेबल भी मौके पर पहुंचे लेकिन ठोस कार्रवाई के बजाय खानापूर्ति कर चले गए। शायद यही वजह थी कि इस बार विवाद हुआ तो दोनों पक्षों ने पुलिस को बुलाने की बजाय मामला अपने हाथ में ले लिया।

 
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मोहल्ला बना छावनी, भारी फोर्स तैनात
दो पक्षों के विवाद में एक निर्दोष व्यक्ति की मौत के बाद से मोहल्ले में तनाव है। तनाव को देखते हुए डीसीपी ने पटेलनगर में भारी फोर्स तैनात किया है। स्थानीय पुलिस के अलावा रिजर्व पुलिस बल भी लगाया गया है।
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